प्रीति सरन को संयुक्त राष्ट्र में फिर से बड़ी जिम्मेदारी मिली

संयुक्त राष्ट्र की एक अहम संस्था में तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए वरिष्ठ राजनयिक प्रीति सरन को फिर से चुना गया है। संयुक्त राष्ट्र आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार समिति के लिए साल 2027 से शुरू होने वाले कार्यकाल के लिए उनके चयन को काफी अहम मान जा रहा।प्रीति सरन के चयन को वैश्विक सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के बीच समिति का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने में उनकी विशेषज्ञता की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। राजदूत सरन वर्तमान में सीईएससीआर की अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। यह संयुक्त राष्ट्र की वह संस्था है, जो सदस्य देशों द्वारा आर्थिक और सामाजिक अधिकारों से संबंधित अंतरराष्ट्रीय संधियों के क्रियान्वयन की निगरानी करती है।
सीईएससीआर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत कार्य करती है। भारतीय विदेश सेवा में अपने 36 वर्षों के उत्कृष्ट करियर के दौरान राजदूत सरन ने भारत तथा एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका में स्थित भारतीय मिशनों में कई उच्च पदों पर कार्य किया।’मेरे लिए सम्मान की बात’प्रीति सरन ने कहा कि उस आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार समिति की सदस्य के रूप में पुनः निर्वाचित होना मेरे लिए सम्मान की बात है, जो अंतरराष्ट्रीय आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार संधि के क्रियान्वयन की निगरानी करती है। उन्होंने बताया कि इस समिति में 18 स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल होते हैं, जो सदस्य देशों द्वारा संधि के पालन की निगरानी करते हैं।कई जगहों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई- सरन को पिछले वर्ष फरवरी में दो वर्ष के कार्यकाल के लिए सीईएससीआर का अध्यक्ष चुना गया था।
वह मार्च, 2016 से सितंबर, 2018 तक विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) के रूप में कार्य करने के बाद सेवानिवृत्त हो गई थी।- वह दक्षिण-पूर्व एशिया, कनाडा, लातिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र के देशों के साथ भारत के संबंधों की नीति के निर्माण के लिए जिम्मेदार थीं।- वह वियतनाम में भारत की राजदूत और टोरंटो में महावाणिज्यदूत भी रह चुकी हैं।- उन्होंने मॉस्को, ढाका, काहिरा और जिनेवा में भारतीय मिशनों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।



