ओलंपिक में स्क्वाश का पदार्पण भारतीय खेल के लिए मील का पत्थर : सौरव घोषाल
भारत के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी सौरव घोषाल ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में स्क्वाश को शामिल किये जाने को ऐतिहासिक पल बताते हुए बोला कि खेल के विकास के लिये बेहतर कोचिंग और ‘इकोसिस्टम’ को मजबूत बनाने की जरूरत है।
हाल ही में विश्व प्रीमियर स्क्वाश के खेल कमिश्नर नियुक्त किये गए घोषाल ने कहा ,‘‘ मैं खुशकिस्मत रहा हूं कि मैने भारत के लिये 20 साल से ज्यादा पेशेवर स्क्वाश खेला है। यह उस सारे अनुभव को साथ लाने का दौर है और मुझे खुशी है कि वैश्विक स्तर पर योगदान दे पा रहा हूं।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ मैने दबाव के हालात को हमेशा मौके की तरह देखा है। यह खेल के लिये कुछ खास करने का मौका है।’’ स्क्वाश में भारत के बढते ग्राफ के बारे में घोषाल ने कहा ,‘‘ ताकत आंकड़ों में दिखती है। ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी खेलेंगे तो चैम्पियन निकलेंगे। भविष्य भी उज्जवल दिख रहा है।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ ऐसे बहुत से खिलाड़ी हैं जिनके पास आर्थिक मदद या सही मार्गदर्शन नहीं है। इससे उन्हें विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। हमारे चार लड़के शीर्ष 50 में है और अनाहत सिंह शीर्ष 20 में है। सफलता से सफलता की प्रेरणा मिलती है और इससे पूरा इकोसिस्टम बेहतर होता है।’’
लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में ओलंपिक के पदार्पण के बारे में उन्होंने कहा ,‘‘ यह ऐतिहासिक पल होगा , सिर्फ भारत के लिये नहीं बल्कि विश्व स्क्वाश के लिये। ओलंपिक सबसे बड़ा मंच है और खेल में श्रेष्ठता की कसौटी भी।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ यह बहुत अच्छी बात है कि खिलाड़ियों को शीर्ष स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। मुझे उम्मीद है कि यह काफी रोचक रहेगा। उम्मीद है कि भारतीय खिलाड़ियों को 16 खिलाड़ियों के ड्रॉ में जगह मिलेगी।’’



