भारतीय शूटिंग के भविष्य की नींव मजबूत, 55 नए आईएसएसएफ ‘बी’ कोच तैयार
नई दिल्ली : नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के एजुकेशन प्रोग्राम के तहत आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खेल महासंघ (आईएसएसएफ) का “बी” को चेस कोर्स बुधवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
यह भारतीय शूटिंग में कोचिंग इको सिस्टम को सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। कोर्स के अंतिम दिन कुल 55 कोचों को डिप्लोमा प्रदान किए गए, जिन्होंने इस गहन प्रमाणन कार्यक्रम को सफलता पूर्वक पूरा किया।
पिछले वर्ष आईएसएसएफ अकादमी – जिसने इन कोर्सों को हाल ही में विकसित किया है – और एनआरएआई के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के बाद यह पहली बार था कि इस स्तर पर ऐसा कोर्स भारत में, और वास्तव में दुनिया में कहीं भी, आयोजित किया गया।
आईएसएसएफ अकादमी के निदेशक और फिनलैंड शूटिंग फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. वेसा निस्सिनेन के नेतृत्व में आयोजित इस कोर्स में अंतरराष्ट्रीय और भारतीय विशेषज्ञों की एक विविध फैकल्टी ने भाग लिया, जिससे प्रतिभागियों को एक व्यापक और बहु-विषयक सीखने का अनुभव मिला।

कार्यक्रम का उद्देश्य पेशेवर कोचिंग प्रथाओं को आगे बढ़ाना था, जो तकनीकी प्रशिक्षण से आगे बढ़कर एथलीट प्रबंधन, शारीरिक तैयारी और दीर्घकालिक प्रदर्शन विकास जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को भी शामिल करता है।
शिक्षण टीम में दो बार के ओलंपियन और पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय राइफल शूटर संजीव राजपूत शामिल रहे, जिन्होंने राइफल शूटिंग तकनीकों पर सत्र लिए। वहीं, अगाथीकास्सौमी और विद्या जाधव ने पिस्टल शूटिंग तकनीकों पर मॉड्यूल्स का संचालन किया।
इटली के दाविदेसेकेंडी, जो वर्तमान में सऊदी अरब के राष्ट्रीय कोच हैं, ने शॉटगन शूटिंग तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण दिया। सायली मांजरेकर ने शूटिंग टीम में फिजियो थेरेपी की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि विजेंद्र पाल सिंह ने उच्च प्रदर्शन वाले माहौल में निशानेबाजों के लिए शारीरिक परीक्षण प्रोटोकॉल पर सत्र संचालित किए।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए एनआरएआई के महासचिव पवन कुमार सिंह ने इस कार्यक्रम के दीर्घकालिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “आईएसएसएफ ‘बी’ को चेस कोर्स का सफल समापन भारतीय शूटिंग के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है।
एनआरएआई एजुकेशन प्रोग्राम के माध्यम से हमारा उद्देश्य एक मजबूत, ज्ञान-संपन्न और नैतिक रूप से सुदृढ़ कोचिंग आधार तैयार करना है, जो सभी स्तरों पर एथलीट्स को सहयोग प्रदान कर सके। 55 नए प्रमाणित कोचों के साथ, हम प्रणाली में गुणवत्ता और गहराई जोड़ रहे हैं, जिसका सीधा प्रभाव आने वाले वर्षों में एथलीट विकास पर पड़ेगा।”
आईएसएसएफ अकादमी के निदेशकडॉ. वेसानिस्सिनेन ने प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “इस कोर्स के दौरान कोचों ने जिस स्तर की प्रतिबद्धता और जिज्ञासा दिखाई, वह सराहनीय है।
यह कार्यक्रम कोचों को एक कहीं अधिक व्यापक पेशेवर भूमिका के लिए तैयार करता है – जिसमें संरचित प्रशिक्षण वातावरण बनाना, एथलीट मनो विज्ञान को समझना, शारीरिक तैयारी और सपोर्ट स्टाफ के साथ प्रभावी ढंग से काम करना शामिल है।
भारत में अपार संभावनाएं हैं और इस तरह के कार्यक्रम भविष्य की अंतरराष्ट्रीय सफलता के लिए मजबूत नींव रखते हैं।” इस कोर्स का समापन एनआरएआई की उस दूरदृष्टि को और सुदृढ़ करता है, जिसके तहत वह आईएसएसएफ-प्रमाणित कोचों, अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।
साथ ही यह महासंघ के देशभर में प्रतिभा विकास के विकेंद्रीकरण और कोचिंगमानकों को ऊंचा उठाने के व्यापक प्रयासों के अनुरूप भी है।
दीक्षांत समारोह के साथ एनआरएआई एजुकेशन प्रोग्राम की इस ऐतिहासिक पहल का समापन हुआ, जिसने आईएसएसएफ अकादमी के साथ भविष्य के सहयोग और भारतीय शूटिंग में सतत क्षमता निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।



