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पेरिस ओलंपिक के बाद हार नहीं मानी, वापसी को सबसे बड़ी उपलब्धि मानती हैं लवलीना

ओलंपिक पदक विजेता भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने कहा कि पेरिस ओलंपिक के बाद भी अपने करियर को जारी रखना उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

उन्होंने बताया कि पिछले एक साल के दौरान चोट, आत्मविश्वास की कमी और कठिन दौर से गुजरने के बावजूद उन्होंने वापसी की और खुद को फिर से स्थापित किया।

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के रिकॉर्ड 10 मुक्केबाजी पदक जीतने के बाद खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात के दौरान लवलीना ने पेरिस ओलंपिक के बाद आई चुनौतियों को याद किया। वह 2024 पेरिस ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गई थीं।

लवलीना ने कहा, ‘‘सबसे पहले तो मेरे लिए इतने लंबे समय तक खेल जारी रखना ही बड़ी बात थी। पेरिस ओलंपिक के बाद कई उतार-चढ़ाव आए। कई बार यह सवाल भी उठा कि मैं आगे खेलना चाहती हूं या नहीं। लेकिन मैंने वापसी की और खेल जारी रखा। यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।’’

तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने वाली लवलीना ने इस बार अपना पहला राष्ट्रमंडल खेल पदक जीता। उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने लगभग सभी बड़े खेलों और प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं। लेकिन अगर स्वर्ण पदक जीतती तो और अच्छा होता। मैं अपनी टीम के लिए बहुत खुश हूं, जिसने शानदार प्रदर्शन किया। सात स्वर्ण पदक हम सभी के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब मैं एशियाई खेलों के लिए भी तैयार हूं। मुझे बेहतर प्रदर्शन करके स्वर्ण पदक जीतना है।’’

भारतीय टीम के विदेशी कोच सैंटियागो नीवा ने राष्ट्रमंडल खेलों में टीम के प्रदर्शन को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि इस सफलता से आगामी प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।

नीवा ने महिला 51 किग्रा वर्ग में साक्षी की स्वर्ण पदक जीत को भारतीय मुक्केबाजी में मौजूद मजबूत प्रतिभा का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस वर्ग में भारतीय टीम में जगह बनाना ही बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि चयन मुकाबलों में तीन विश्व चैंपियन और दो युवा विश्व चैंपियन शामिल थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘साक्षी ने फाइनल में इंग्लैंड की मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जिस तरह का प्रदर्शन किया और अपने अनुभव का इस्तेमाल किया, वह भविष्य के लिए काफी सकारात्मक संकेत है।’’ नीवा ने कहा कि अब टीम का पूरा ध्यान एशियाई खेलों और ओलंपिक क्वालीफिकेशन की तैयारियों पर रहेगा।

विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में खिताब जीतने के बाद उनका अगला बड़ा लक्ष्य लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक है और वह लगातार अपने खेल में सुधार करती रहेंगी।

राष्ट्रमंडल खेलों में विश्व चैंपियन के रूप में उतरने के दबाव पर जैस्मीन ने कहा कि इसी पहचान ने उन्हें बीमारी से उबरने और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा, ‘‘इससे मुझे काफी प्रेरणा मिली। मेरी स्थिति अच्छी नहीं थी। मैंने केवल तीन सप्ताह प्रशिक्षण लिया। मुझे पहले ठीक होना था और फिर प्रदर्शन करना था।’’

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