भारतीय नौसेना को मिला पांचवां गोताखोरी सहायक पोत, डीएससी ए-24 का कोलकाता में जलावतरण
नई दिल्ली (राघवेंद्र प्रताप सिंह) : पांच गोताखोरी सहायक जहाज (डीएससी) परियोजना के तहत निर्मित पांचवें पोत डीएससी ए-24 (यार्ड-329) का 1 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित टीटागढ़ में आयोजित समारोह में जलावतरण किया गया। कार्मिक प्रमुख वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में श्रीमती कमल सिंह ने जहाज का औपचारिक जलावतरण किया। समारोह में भारतीय नौसेना और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टीआरएसएल) के वरिष्ठ अधिकारियों समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
नौसेना की परंपराओं के अनुरूप हुआ समारोह
जलावतरण समारोह भारतीय नौसेना की समृद्ध परंपराओं के अनुरूप सैन्य गरिमा और निर्धारित औपचारिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित किया गया। इस दौरान नौसेना और टीआरएसएल के अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति और जहाज की विशेषताओं से जुड़े पहलुओं पर भी जानकारी साझा की।
टीआरएसएल कोलकाता कर रहा है जहाजों का निर्माण
गोताखोरी सहायक जहाजों का निर्माण मेसर्स टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टीआरएसएल), कोलकाता द्वारा किया जा रहा है। डीएससी परियोजना के तहत तैयार किए जा रहे ये पोत भारतीय नौसेना की गोताखोरी और पानी के भीतर सहायता से जुड़ी परिचालन जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।




