लखनऊ कमांड अस्पताल में देश के पहले ‘मिलिट्री मेडिसिन विभाग’ का उद्घाटन, युद्ध क्षेत्र के लिए तैयार होंगे विशेषज्ञ

राघवेन्द्र प्रताप सिंह/ लखनऊ: भारतीय सशस्त्र बलों की चिकित्सा क्षमताओं को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में लखनऊ में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। रक्षा मंत्री ने लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित कमांड अस्पताल (Command Hospital, Central Command) में भारत के पहले समर्पित ‘डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री मेडिसिन’ (Department of Military Medicine) का विधिवत उद्घाटन किया। यह अपनी तरह का पहला विभाग है जिसे विशेष रूप से युद्ध और संघर्ष क्षेत्रों (Combat Zones) की चिकित्सा चुनौतियों से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है।
इस नए विभाग का मुख्य उद्देश्य सेना के पैरामेडिक्स, मेडिकल अफसरों और नर्सिंग स्टाफ को युद्ध के दौरान होने वाली गंभीर चोटों (Trauma), केमिकल या बायोलॉजिकल हमलों और अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाली मेडिकल इमरजेंसी के लिए विशेष ट्रेनिंग देना है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि भविष्य के युद्ध पारंपरिक नहीं होंगे, इसलिए सैन्य चिकित्सा को भी उसी गति से अपग्रेड करने की जरूरत है।
इस विभाग में अत्याधुनिक सिमुलेशन लैब, वर्चुअल रियलिटी (VR) आधारित वॉर-ज़ोन ट्रोमा ट्रेनिंग और टैक्टिकल कॉम्बैट कैजुअल्टी केयर (TCCC) की सुविधाएं मौजूद हैं। रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “सैनिकों का जीवन हमारे लिए सर्वोपरि है, और यह विभाग सुनिश्चित करेगा कि हमारे जवानों को युद्ध के मैदान में गोल्डन ऑवर (Golden Hour) के भीतर दुनिया की सबसे बेहतरीन जीवन रक्षक चिकित्सा मिल सके।” इस पहल से भारतीय सेना की ऑपरेशनल तैयारियों को भारी बल मिलेगा।



