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फ्यूचर टेक्नोलॉजी का नया युग: 2030 के दशक तक 1 ट्रिलियन डॉलर का होगा क्वांटम कंप्यूटिंग बाजार, एआई क्रांति से चमका सेमीकंडक्टर सेक्टर

विवेक ओझा/ न्यू यॉर्क / सेओल: वैश्विक टेक उद्योग इस समय एक बड़े तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग आने वाले दशक की दिशा तय कर रहे हैं। दिग्गज आईटी कंपनी आईबीएम (IBM) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अरविंद कृष्णा ने आज एक टेक समिट में बड़ी भविष्यवाणी करते हुए कहा कि 2030 के दशक के अंत तक दुनिया भर में क्वांटम कंप्यूटिंग बाजार की वैल्यू 1 ट्रिलियन (एक लाख करोड़) डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगी। उन्होंने कहा कि क्वांटम तकनीक जटिल वैज्ञानिक समस्याओं, दवा निर्माण और साइबर सुरक्षा के तरीके को पूरी तरह बदल देगी।

दूसरी ओर, एआई (AI) क्रांति के कारण वैश्विक बाजार में सेमीकंडक्टर मेमोरी चिप्स की मांग में अभूतपूर्व उछाल आया है। दुनिया की सबसे बड़ी मेमोरी चिप निर्माता कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) ने अपनी ताजा बाजार रिपोर्ट में कहा है कि एआई सर्वरों और डेटा सेंटरों की भारी खपत के चलते मेमोरी चिप्स की कीमतों में आया उछाल कोई अस्थायी घटना नहीं है, बल्कि यह तेजी लंबे समय तक बनी रहेगी। सेमीकंडक्टर सेक्टर की इस मजबूती ने दुनिया भर की इकोनॉमी को एक नया बूस्ट दिया है।

तकनीक के इसी बदलते रुख को देखते हुए दुनिया के कई देश अपनी अनुसंधान नीतियों में बड़ा बदलाव कर रहे हैं। न्यूजीलैंड की सरकार ने अपनी राष्ट्रीय विज्ञान फंडिंग प्रणाली में ऐतिहासिक सुधार करते हुए पारंपरिक बेसिक रिसर्च के बजट को सीमित कर दिया है और ‘डीप टेक’ (Deep Tech) तथा इसके कमर्शियलाइजेशन (व्यवसायीकरण) पर अपना पूरा फोकस बढ़ा दिया है। इस नीति का उद्देश्य लैब में विकसित होने वाली तकनीकों को तुरंत बाजार और उद्योगों तक पहुंचाना है ताकि देश की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिल सके।

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