वामपंथी दफ्तर में पुलिस कार्रवाई पर बोले जेपी नड्डा: कहा- ‘आपातकाल की याद दिलाने वाले खुद न बनें पीड़ित’

राघवेन्द्र प्रताप सिंह/ नई दिल्ली: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नई दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में हाल ही में पुलिस की पूछताछ और तलाशी अभियान को लेकर शुरू हुआ सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे ‘अघोषित आपातकाल’ के आरोपों का करारा जवाब देते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस कार्रवाई का पूरी तरह से बचाव किया।
जेपी नड्डा ने कहा कि देश में कानून व्यवस्था और सुरक्षा से बड़ा कोई राजनीतिक दल या विचारधारा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस को किसी आपराधिक मामले या संदिग्ध गतिविधि के सिलसिले में कोई ठोस इनपुट मिलता है, तो उसे जांच करने का पूरा संवैधानिक अधिकार है। नड्डा ने तंज कसते हुए कहा, “जो लोग 1975 के काले आपातकाल के इतिहास से जुड़े रहे हैं या उसका समर्थन करते आए हैं, उन्हें आज कानून-व्यवस्था की सामान्य प्रक्रिया में ‘आपातकाल’ दिखाई दे रहा है। यह केवल राजनीतिक विक्टिमहुड (पीड़ित बनने का नाटक) है।”
भाजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार किसी भी राजनीतिक दल के खिलाफ दुर्भावना से काम नहीं करती, लेकिन यदि किसी कार्यालय या परिसर का इस्तेमाल किसी जांच में बाधा डालने के लिए किया जाएगा, तो कानून अपना काम करेगा। दूसरी ओर, सीपीआई (एम) और अन्य विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार देते हुए संसद के दोनों सदनों में विरोध प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया।

