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वाणिज्य मंत्रालय का बड़ा बयान: भारत के 45% निर्यातों पर नहीं लगेगा अमेरिका का नया 10% ‘फोर्स्ड लेबर’ टैरिफ, कूटनीतिक मोर्चे पर बड़ी राहत

पल्लवी श्रीवास्तव/ नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीतिक मोर्चे पर भारत ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि अमेरिका द्वारा आयातित वस्तुओं पर लगाए जा रहे नए 10% ‘फोर्स्ड लेबर’ टैरिफ (Forced Labor Tariff) से भारत के 45% निर्यातों को पूर्ण छूट (Exemption) मिल गई है। अमेरिका का यह नया और विवादास्पद टैरिफ उन देशों पर लगाया गया है जहां कारखानों में बाल श्रम या बंधुआ मजदूरी (Forced Labor) के आरोप हैं।

भारतीय लॉबिंग और कूटनीति की सफलता

पिछले कई महीनों से अमेरिका में भारत के वाणिज्यिक राजदूत और व्यापार वार्ताकार यह साबित करने में लगे थे कि भारत के कपड़ा (Textile), चमड़ा (Leather), आभूषण (Gems & Jewelry) और फार्मास्यूटिकल सेक्टर में सख्त श्रम कानूनों (Labor Laws) का पालन होता है। भारत ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) को ऑडिट रिपोर्ट्स और पारदर्शी ‘सप्लाई चेन’ के पुख्ता सुबूत पेश किए, जिसके बाद अमेरिका ने भारतीय निर्यात के एक बड़े हिस्से को इस दंडात्मक टैरिफ से बाहर कर दिया है।

निर्यातकों (Exporters) ने ली राहत की सांस

यह खबर भारत के लाखों निर्यातकों के लिए एक बहुत बड़ी राहत लेकर आई है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) ने सरकार की इस कूटनीतिक जीत का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अगर यह टैरिफ भारतीय उत्पादों पर लगता, तो अमेरिकी बाजार में भारत के परिधान और जेम्स एंड ज्वैलरी (Gems and Jewellery) महंगे हो जाते और भारतीय निर्यातकों को चीन तथा वियतनाम जैसे देशों से भारी नुकसान उठाना पड़ता। इस छूट के कारण वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय निर्यात में नए उछाल की उम्मीद है।

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