यूपी में मॉनसून का तांडव: लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ समेत 20 जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी, 75 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

अभिषेक सिंह/ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मॉनसून 2026 ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र ने राज्य के 20 से अधिक जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और तेज तूफानी हवाओं का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के मेल के कारण अगले 48 घंटों तक प्रदेश भर में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।
इन 20 जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार—लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, आगरा, मेरठ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, बरेली, गाजियाबाद, नोएडा, सीतापुर, हरदोई, मुरादाबाद और झांसी समेत आसपास के इलाकों में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। कई जिलों में पिछले 24 घंटों में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) की गंभीर समस्या पैदा हो गई है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, स्कूलों में छुट्टियां संभव
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत आयुक्त कार्यालय ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों (DMs) को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को संवेदनशील और नदियों के किनारे बसे इलाकों में तैनात कर दिया गया है। कई जिलों के जिलाधिकारियों ने एहतियात के तौर पर कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में एक से दो दिनों की छुट्टी घोषित करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
किसानों के लिए सलाह और चेतावनी
यह बारिश जहां धान की रोपाई कर रहे किसानों के लिए संजीवनी बनकर आई है, वहीं तेज हवाओं के कारण मक्का, गन्ना और हरी सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था रखें और तेज आंधी के दौरान खुले खेतों या पेड़ों के नीचे शरण न लें। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे बहुत जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें और जर्जर मकानों तथा जलभराव वाले रास्तों से दूर रहें।

