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खिलौनों के आयात में आई भारी गिरावट, घरेलू खिलौना बाजार में स्वदेशी उत्पादों की हिस्‍सेदारी बढ़ी: पीयूष गोयल

नई दिल्ली (अभिषेक सिंह) : केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि खिलौनों के आयात में भारी गिरावट आई है और घरेलू खिलौना बाजार में देश में ही बने उत्पादों की हिस्‍सेदारी बहुत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक खिलौना उद्योग का मूल्य लगभग 120 अरब डॉलर है, जबकि भारत की हिस्सेदारी केवल 0.2 से 0.3 प्रतिशत है। श्री गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि इस क्षेत्र में विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। नई दिल्ली में आयोजित 17वें टॉय बिज़ इंटरनेशनल बी2बी एक्सपो को संबोधित करते हुए श्री गोयल ने कहा कि भारतीय खिलौना निर्माता राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। वर्ष 2020 से पहले की स्थिति को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सस्ते और घटिया आयातित खिलौनों का बाजार पर दबदबा था, जिनमें से कई खिलौने गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते थे।

वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत को वैश्विक खिलौना केंद्र के रूप में विकसित करने के आह्वान के साथ-साथ मेक इन इंडिया और राष्ट्रीय खिलौना कार्य योजना 2020 जैसी पहलों से इस क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि देशभर में 50 से अधिक खिलौना क्लस्टर विकसित किए गए हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र लघु और मध्यम उद्यमों द्वारा संचालित है। श्री गोयल ने खिलौना निर्माताओं से उच्च विकास के लिए प्रयास करने और गुणवत्ता तथा उत्पादकता में सुधार के लिए डिजाइन हेतु कैड-कैम और उत्पादन हेतु सीएनसी मशीनों जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया।

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी की सांसद बंसुरी स्वराज ने कहा कि भारत का खिलौना उद्योग जमीनी स्तर पर रचनात्मकता, नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र, देश की “लोकल से ग्‍लोबल” पहल का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। सुश्री स्वराज ने भारतीय खिलौना संघ को बधाई दी और कहा कि 50 से अधिक देशों के खरीदारों की भागीदारी और बड़ी संख्या में भारतीय निर्माताओं की उपस्थिति भारत में निर्मित खिलौनों की बढ़ती वैश्विक स्वीकृति को दर्शाती है। भारतीय खिलौनों में नवाचार पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इनकी इंजीनियरिंग और डिजाइन पैसे के हिसाब से कहीं अधिक मूल्यवान हैं। ये उत्पाद कई उद्देश्यों को पूरा करते हैं और बच्चों के बड़े होने तक उपयोगी बने रहते हैं।

आज से शुरू हुआ चार दिवसीय एक्सपो इस महीने की 7 तारीख तक चलेगा। इस आयोजन में 40 से अधिक देश भाग ले रहे हैं।T

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