राम मंदिर दान ‘चोरी’ विवाद: नया सीसीटीवी फुटेज आया सामने, नकदी छिपाते दिखे 5 मुख्य आरोपी

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ अयोध्या: राम मंदिर दान विवाद में एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मंदिर परिसर से जुड़े एक कथित चोरी और वित्तीय हेराफेरी के मामले में नया सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है, जिसने जांच एजेंसियों और सुरक्षा बलों के कान खड़े कर दिए हैं। इस ताज़ा फुटेज में 5 मुख्य आरोपी स्पष्ट रूप से भारी मात्रा में नकदी को संदिग्ध तरीके से छिपाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
फुटेज में सामने आई संदिग्ध गतिविधियां
सामने आए नए सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से पता चला है कि यह घटनाक्रम मंदिर परिसर के भीतर ही अंजाम दिया गया।
* वीडियो में पांचों आरोपियों को एक साथ देखा जा सकता है, जो प्रतिबंधित या सुरक्षा घेरे वाले क्षेत्र के पास मौजूद थे।
* आरोपी बड़ी ही चालाकी से दानपात्रों या संग्रह केंद्र के आस-पास से नकदी के बंडलों को निकालकर अपने कपड़ों और थैलों में छिपाते हुए रिकॉर्ड हुए हैं।
* फुटेज में आरोपियों की शारीरिक भाषा और आपसी तालमेल से यह साफ संकेत मिलता है कि इस पूरे कृत्य को एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया जा रहा था।
जांच की दिशा और प्रशासनिक कार्रवाई
इस नए तकनीकी साक्ष्य के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस और मंदिर प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सीसीटीवी में दिख रहे पांचों आरोपियों की पहचान स्थापित कर ली गई है और उनकी धरपकड़ के लिए विशेष टीमें रवाना की गई हैं। इससे पहले भी इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी, जिसके बाद लाखों रुपये की रिकवरी का दावा किया गया था। अब इस नए फुटेज के आधार पर मामले में कई और धाराओं को जोड़ा जा सकता है।
मामले पर बढ़ती राजनीतिक और सामाजिक हलचल
सीसीटीवी फुटेज के सार्वजनिक होने के बाद से ही इस मुद्दे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां एक तरफ देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस केंद्र में सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने भी इस फुटेज को आधार बनाकर सरकार और मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन पर अपने हमले तेज कर दिए हैं।
इस नए साक्ष्य ने पूरे मामले की गंभीरता को कई गुना बढ़ा दिया है। अब यह देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इन पांचों मुख्य आरोपियों को कब तक गिरफ्तार कर पाता है और इस रैकेट के पीछे छिपे अन्य चेहरों का पर्दाफाश किस प्रकार होता है।



