भारत-सेशेल्स संबंधों का नया अध्याय: 19 अहम समझौतों के रणनीतिक मायने

विवेक ओझा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सेशेल्स यात्रा ने हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) की भू-राजनीति में एक शक्तिशाली संदेश दिया है। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, डिजिटल पेमेंट और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों सहित कुल 19 अहम समझौतों (MoUs) पर सहमति बनी है। यह महज द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार नहीं है, बल्कि यह भारत की दूरदर्शी विदेश नीति और ‘सागर’ (SAGAR – Security and Growth for All in the Region) विजन का एक ठोस रणनीतिक क्रियान्वयन है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा (Defense & Maritime Security)
हिंद महासागर वर्तमान में वैश्विक शक्तियों की प्रतिद्वंद्विता का मुख्य केंद्र बन चुका है। ऐसे में पश्चिमी हिंद महासागर में सेशेल्स की भौगोलिक स्थिति भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच हुए रक्षा समझौतों के तहत समुद्री सुरक्षा, कोस्टल सर्विलांस रडार नेटवर्क के विस्तार और सैन्य क्षमता निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। भारत द्वारा सेशेल्स के रक्षा बलों को प्रशिक्षण और उपकरण मुहैया कराने से न केवल समुद्री डकैती, अवैध शिकार और मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगेगी, बल्कि इस पूरे जलक्षेत्र में भारत ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ (Net Security Provider) की अपनी भूमिका को और भी पुख्ता कर सकेगा।
अंतरिक्ष और तकनीकी सहयोग (Space Diplomacy)
भारत की ‘अंतरिक्ष कूटनीति’ (Space Diplomacy) लगातार दुनिया भर में अपना लोहा मनवा रही है। सेशेल्स के साथ अंतरिक्ष क्षेत्र में हुआ समझौता बेहद दूरगामी परिणामों वाला है। इसके माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) सेशेल्स को उपग्रह डेटा साझाकरण, सटीक मौसम पूर्वानुमान और प्राकृतिक आपदा प्रबंधन (HADR) में तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। जलवायु परिवर्तन और समुद्र के बढ़ते जलस्तर के खतरों से जूझ रहे इस छोटे द्वीपीय राष्ट्र के लिए यह सहयोग अत्यंत लाभकारी साबित होगा।
डिजिटल इंडिया का वैश्विक विस्तार (Digital Payments)
भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और यूपीआई (UPI) आज एक वैश्विक मानक (Global Standard) बन चुके हैं। डिजिटल पेमेंट को लेकर सेशेल्स के साथ हुआ समझौता भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ का एक शानदार उदाहरण है। इससे सेशेल्स में वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बल मिलेगा और दोनों देशों के बीच होने वाला व्यापारिक लेनदेन अधिक पारदर्शी और तीव्र हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, सेशेल्स जाने वाले बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटकों और वहां रह रहे प्रवासी भारतीयों के लिए यह सुविधा रोजमर्रा के जीवन को बेहद आसान बना देगी।
स्वास्थ्य सेवाएं और क्षमता निर्माण (Health & Capacity Building)
स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुआ समझौता भारत के ‘विश्व मित्र’ दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। टेलीमेडिसिन नेटवर्क का विस्तार, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति, और फार्मास्युटिकल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग से सेशेल्स के स्वास्थ्य ढांचे को भारी मजबूती मिलेगी। वैश्विक महामारी के बाद से ‘चिकित्सा कूटनीति’ (Medical Diplomacy) का महत्व काफी बढ़ गया है, और भारत इस मोर्चे पर लगातार अपनी साख मजबूत कर रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय मामलों के परिप्रेक्ष्य से देखें तो, इन 19 समझौतों ने भारत और सेशेल्स के संबंधों को एक पारंपरिक मित्रता से आगे ले जाकर एक ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) में बदल दिया है। विवेक ओझा के विश्लेषण के अनुसार, ऐसे समय में जब कुछ विस्तारवादी ताकतें हिंद महासागर में अपना सैन्य और आर्थिक दबदबा कायम करना चाहती हैं, भारत ने सेशेल्स को एक समान भागीदार मानते हुए उसके सर्वसमावेशी विकास और सुरक्षा में जो निवेश किया है, वह भविष्य की कूटनीति का एक मास्टरस्ट्रोक है। यह यात्रा साबित करती है कि भारत केवल ग्लोबल साउथ (Global South) की आवाज़ ही नहीं है, बल्कि उनका सबसे विश्वसनीय और सक्षम साथी भी है।



