पटना के गांधी मैदान में राहुल गांधी का ‘शक्ति प्रदर्शन’: ‘रोजगार अधिकार मार्च’ में युवाओं की हुंकार, मंच पर साथ दिखेंगे तेजस्वी यादव

अभिषेक सिंह/ पटना | कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहा ‘रोजगार अधिकार मार्च’ आज अपने सबसे महत्वपूर्ण और राजनीतिक रूप से संवेदनशील पड़ाव पर पहुंच गया है। बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आज दोपहर एक विशाल युवा रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिसे राहुल गांधी संबोधित करेंगे।
इस रैली की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के शीर्ष नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी इस ऐतिहासिक मैदान में राहुल गांधी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मंच साझा करेंगे। विपक्ष के इस संयुक्त शक्ति प्रदर्शन को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
‘रोजगार अधिकार मार्च’: युवाओं और नौकरियों पर सीधा फोकस
झारखंड से होते हुए बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले इस मार्च का मुख्य एजेंडा युवाओं को ‘रोजगार की कानूनी गारंटी’ दिलाना है। बिहार, जो देश में सबसे युवा आबादी वाले राज्यों में से एक है, वहां बेरोजगारी हमेशा से सबसे बड़ा चुनावी और सामाजिक मुद्दा रहा है।
आज की इस विशाल रैली में मुख्य रूप से इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की गई है:
- पेपर लीक और परीक्षा विवाद: हालिया नीट (NEET-UG) पेपर लीक मामले और राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षाओं में हुई धांधलियों को लेकर युवाओं के गुस्से को राजनीतिक आवाज देना।
- अग्निवीर योजना का विरोध: सेना में अल्पकालिक भर्ती की इस योजना को पूरी तरह खत्म करने या इसमें किए जा रहे आधे-अधूरे संशोधनों के बजाय स्थायी रोजगार की मांग करना।
- केंद्रीय विभागों में खाली पद: केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में लंबित पड़ी लाखों सरकारी नौकरियों को तुरंत भरने के लिए समयबद्ध कैलेंडर जारी करने का दबाव बनाना।
राहुल-तेजस्वी की जोड़ी: ‘इंडिया’ गठबंधन की एकजुटता का बड़ा संदेश
गांधी मैदान का यह मंच केवल एक रैली नहीं, बल्कि ‘इंडिया’ (I.N.D.I.A. Bloc) गठबंधन की एकजुटता का एक बड़ा संदेश है। पिछले कुछ समय से सीट शेयरिंग और स्थानीय स्तर पर आ रही मतभेदों की खबरों के बीच तेजस्वी यादव का राहुल गांधी के साथ आना यह साफ करता है कि बिहार में विपक्ष पूरी तरह से एकजुट है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान ’10 लाख नौकरियों’ का जो नैरेटिव सेट किया था, राहुल गांधी का यह मार्च उसी नैरेटिव को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार दे रहा है। जातिगत गणना की अधिसूचना जारी होने के बाद, अब विपक्ष का पूरा ध्यान ‘आर्थिक और रोजगार सुरक्षा’ के मुद्दे पर शिफ्ट हो गया है।
गांधी मैदान छावनी में तब्दील, कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह
इस मेगा रैली को देखते हुए पटना प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। गांधी मैदान और उसके आसपास के प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस और राजद के कार्यकर्ताओं ने पूरे पटना शहर को तोरण द्वारों, होर्डिंग्स और पोस्टरों से पाट दिया है। मानसून की शुरुआती बारिश के बावजूद, सुबह से ही बिहार के अलग-अलग जिलों (मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा) से हजारों की तादाद में युवाओं का पटना पहुंचना शुरू हो चुका है। दोपहर 2 बजे तक गांधी मैदान में एक बड़ा जनसैलाब उमड़ने की उम्मीद है, जहां से राहुल गांधी देश के युवाओं के लिए एक नया ‘रोजगार एजेंडा’ पेश कर सकते हैं।



