लखनऊ अग्निकांड: 15 मौतों के बाद एक्शन में सिस्टम, अलीगंज की अवैध कमर्शियल बिल्डिंग पर गरजा LDA का बुलडोजर

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ लखनऊ | राजधानी लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) इलाके में हुए हृदयविदारक अग्निकांड के बाद अब प्रशासन पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। 15 युवा छात्रों की दर्दनाक मौत और इलाहाबाद हाई कोर्ट की सख्त फटकार के बाद, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने आज सुबह उस अवैध बहुमंजिला कमर्शियल बिल्डिंग के खिलाफ बड़ी दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आज तड़के एलडीए का बुलडोजर घटनास्थल पर पहुंचा और इमारत के अवैध हिस्सों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया।
सुबह 7 बजे से शुरू हुई डिमोलिशन की कार्रवाई
प्रत्यक्षदर्शियों और एलडीए अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब 7 बजे प्राधिकरण का प्रवर्तन दस्ता (Enforcement Team) दो बुलडोजर और नगर निगम की टीम के साथ उषा मेहता मार्ग स्थित घटनास्थल पर पहुंच गया था।
कार्रवाई की शुरुआत इमारत के बाहर अवैध रूप से निकाले गए बड़े छज्जों (Balconies) और सीढ़ियों के अतिक्रमण को तोड़ने से हुई। एलडीए के जोनल अधिकारी ने मौके पर मीडिया को बताया कि इमारत के नक्शे को पूरी तरह से आवासीय (Residential) कार्यों के लिए पास कराया गया था, लेकिन इसके मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (जो फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं) ने नियमों को ताक पर रखकर इसे पूरी तरह से कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में तब्दील कर दिया था। बिना सेटबैक (Setback) छोड़े किए गए अवैध निर्माण को आज ढहाया जा रहा है।
छावनी में तब्दील हुआ अलीगंज इलाका
इस हाई-प्रोफाइल डिमोलिशन ड्राइव के दौरान किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
* बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन: पुरनिया चौराहे से उषा मेहता मार्ग की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। आम जनता और वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित है।
* भारी पुलिस बल तैनात: मौके पर लखनऊ पुलिस के आला अधिकारियों के साथ-साथ पीएसी (PAC) की तीन कंपनियां और महिला पुलिस बल को तैनात किया गया है।
* फोरेंसिक क्लीयरेंस: पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बुलडोजर की यह कार्रवाई केवल बाहरी अवैध छज्जों और अतिक्रमण पर की जा रही है। इमारत के अंदर का हिस्सा फिलहाल सुरक्षित रखा गया है, क्योंकि फोरेंसिक टीम अभी भी आग लगने के तकनीकी कारणों की जांच कर रही है।
देर आए, लेकिन दुरुस्त आए?
इस बुलडोजर एक्शन को लेकर स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों में मिली-जुली प्रतिक्रिया है। एक तरफ जहां लोग आरोपी मालिक के खिलाफ हो रही इस सख्त कार्रवाई को सीएम योगी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गहरे सवाल भी उठ रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह बुलडोजर अगर समय रहते इस अवैध कोचिंग सेंटर पर चल गया होता, तो आज 15 परिवारों के चिराग नहीं बुझते। यह कार्रवाई साबित करती है कि एलडीए को इस अवैध निर्माण की पूरी जानकारी थी, लेकिन वह किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था। (ज्ञात हो कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले 3 जूनियर इंजीनियरों को एलडीए ने कल ही सस्पेंड किया है)।
हाई कोर्ट द्वारा दिए गए प्रदेशव्यापी ‘फायर सेफ्टी ऑडिट’ के आदेश के बाद, लखनऊ प्रशासन की यह पहली बड़ी जमीनी कार्रवाई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शहर के कई अन्य अवैध कोचिंग सेंटरों और बेसमेंट में चल रहे कमर्शियल ठिकानों पर भी एलडीए का बुलडोजर इसी तरह गरज सकता है।



