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ड्रोन, IED और खौफनाक साजिश…

पाकिस्तान के किस आतंकी नेटवर्क पर NIA ने एक साथ 12 ठिकानों पर बोला धावा?

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाले एक बड़े आतंकी नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर भारत में खून-खराबा फैलाने की एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। NIA ने आज तड़के एक बेहद गुप्त और सुनियोजित ऑपरेशन के तहत देश के 12 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से उस नेटवर्क के खिलाफ है, जो सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियारों, IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) और विस्फोटकों की सप्लाई कर रहा था।

क्या था आतंकियों का ‘ड्रोन और IED’ प्लान?
खुफिया एजेंसियों को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन अब घुसपैठ के पारंपरिक तरीकों से हटकर हाई-टेक हथकंडे अपना रहे हैं। आतंकियों ने सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से पेलोड (हथियार और विस्फोटक) गिराने का एक नया और खतरनाक मॉड्यूल तैयार किया था। इन ड्रोन्स के जरिए टिफिन बम, IED, मैग्नेटिक बम और नशीले पदार्थों की खेप भारत के स्लीपर सेल्स तक पहुंचाई जा रही थी। मकसद साफ था— भीड़भाड़ वाले इलाकों, सुरक्षा बलों के काफिलों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना।

12 ठिकानों पर एक साथ रेड और बड़ी जब्ती
NIA की अलग-अलग टीमों ने स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों के साथ मिलकर एक ही समय पर 12 ठिकानों पर दबिश दी। यह छापेमारी मुख्य रूप से पंजाब, जम्मू-कश्मीर और कुछ अन्य संदिग्ध राज्यों में की गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और भारी मात्रा में डिजिटल डिवाइस (मोबाइल, लैपटॉप), आपत्तिजनक दस्तावेज, संदिग्ध फंडिंग के सबूत और कुछ हथियार बरामद किए गए हैं। इन डिजिटल डिवाइस की फोरेंसिक जांच से सीमा पार बैठे हैंडलर्स के नामों का खुलासा हो सकता है।

स्लीपर सेल्स और गैंगस्टर्स का गठजोड़
इस ऑपरेशन की एक बड़ी कामयाबी यह है कि इसने स्थानीय गैंगस्टर्स और आतंकियों के बीच के गठजोड़ (Nexus) को बेनकाब किया है। पाकिस्तान में बैठे आतंकी भारत के कुछ स्थानीय गैंगस्टर्स और तस्करों का इस्तेमाल कर रहे थे। पैसों के लालच में ये स्थानीय अपराधी ड्रोन से गिराए गए हथियारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम करते थे।

NIA की यह बड़ी कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि भारत सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। आतंकियों के इस हाई-टेक सप्लाई चेन पर प्रहार करके जांच एजेंसी ने न केवल एक बड़ी साजिश को नाकाम किया है, बल्कि भविष्य के कई संभावित खतरों को भी टाल दिया है। अब देखना यह है कि गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से पूछताछ में और कितने बड़े राज खुलते हैं।

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