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स्मार्टफोन की दुनिया में ‘क्वांटम’ क्रांति

जापान ने बनाई 5 मिनट में मोबाइल फुल चार्ज करने वाली बैटरी, कभी नहीं होगी ओवरहीट

घंटों तक अपने मोबाइल फोन को चार्जर से बांधकर रखने और बैटरी खत्म होने के डर (Battery Anxiety) से अब हमेशा के लिए छुटकारा मिलने वाला है। जापान के शोधकर्ताओं ने मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुनिया में एक बड़ा धमाका करते हुए दुनिया की पहली ‘क्वांटम सॉलिड-स्टेट बैटरी’ (Quantum Solid-State Battery) का सफल प्रोटोटाइप पेश किया है। यह चमत्कारी बैटरी किसी भी स्मार्टफोन को 0 से 100 प्रतिशत तक केवल 5 मिनट में चार्ज कर सकती है। सबसे बड़ी राहत यह है कि यह नई तकनीक पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें फोन के गर्म होने या फटने का कोई खतरा नहीं है।

आज के डिजिटल युग में हमारा पूरा जीवन स्मार्टफोन के इर्द-गिर्द घूमता है। प्रोसेसर, कैमरे और डिस्प्ले की तकनीक तो रॉकेट की गति से आगे बढ़ गई, लेकिन बैटरी की तकनीक पिछले दो दशकों से ‘लिथियम-आयन’ (Lithium-ion) पर ही अटकी हुई थी। धीमी चार्जिंग, जल्दी बैटरी का गिरना और फोन का भट्टी की तरह गर्म होना आम समस्याएं बन गई थीं। लेकिन जापान के शीर्ष तकनीकी संस्थानों के शोधकर्ताओं ने ‘क्वांटम भौतिकी’ (Quantum Physics) का उपयोग करके एक ऐसा अचूक समाधान खोज निकाला है, जो बैटरी उद्योग का पूरा इतिहास बदल कर रख देगा।

क्या है ‘क्वांटम सॉलिड-स्टेट बैटरी’?
वर्तमान में हमारे फोन और लैपटॉप में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी के अंदर एक ज्वलनशील ‘तरल इलेक्ट्रोलाइट’ (Liquid Electrolyte) भरा होता है। इसी तरल पदार्थ के माध्यम से ऊर्जा (आयंस) एक जगह से दूसरी जगह जाती है। लेकिन तरल पदार्थ की अपनी एक सीमा होती है; यदि इसे ज्यादा तेजी से चार्ज किया जाए तो यह उबलने लगता है और फोन ब्लास्ट (विस्फोट) हो सकता है।

जापानी वैज्ञानिकों ने इस खतरनाक तरल पदार्थ को पूरी तरह हटाकर उसकी जगह एक विशेष प्रकार के ‘ठोस’ (Solid) क्रिस्टल जालक (Crystal Lattice) का इस्तेमाल किया है। इसे ही ‘सॉलिड-स्टेट’ बैटरी कहा जाता है। इसके अलावा, चार्जिंग की गति को अकल्पनीय रूप से बढ़ाने के लिए इसमें ‘क्वांटम टनलिंग’ (Quantum Tunneling) के सिद्धांत का प्रयोग किया गया है।

मात्र 5 मिनट में 100% चार्जिंग का जादू
क्वांटम प्रभाव के कारण, इस नई बैटरी के अंदर आयन (Ions) किसी भौतिक बाधा का सामना किए बिना लगभग प्रकाश की गति से प्रवाहित होते हैं। यही कारण है कि जो बैटरी पहले फास्ट चार्जर से भी 1 से 2 घंटे का समय लेती थी, वह अब 0 से 100 प्रतिशत तक चार्ज होने में मात्र 5 मिनट का समय लेगी। आप सुबह उठकर जितने समय में एक कप चाय पिएंगे, उतने समय में आपका फोन पूरे दिन (या उससे भी ज्यादा समय) के लिए फुल चार्ज हो चुका होगा।

शत-प्रतिशत सुरक्षित: न आग लगेगी, न फोन गर्म होगा
इस तकनीक का सबसे क्रांतिकारी पहलू इसकी सुरक्षा है। चूंकि इस बैटरी के अंदर कोई ज्वलनशील तरल पदार्थ (Liquid) नहीं है, इसलिए शॉर्ट-सर्किट होने, फोन गिरने या अत्यधिक वोल्टेज आने पर भी इसमें आग लगने का जोखिम शून्य (Zero) है। 5 मिनट की अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग के दौरान भी इस बैटरी का तापमान बिल्कुल सामान्य रहता है, यानी गेमिंग करते समय या चार्जिंग के दौरान फोन के ओवरहीट (Overheat) होने की समस्या अब इतिहास बन जाएगी।

लंबी उम्र और भविष्य के इलेक्ट्रिक वाहन (EVs)
लिथियम-आयन बैटरी 2 से 3 साल में अपनी क्षमता खोने लगती है, लेकिन यह नई क्वांटम बैटरी 5000 से अधिक चार्जिंग साइकिल (Cycles) तक अपनी 90% क्षमता बनाए रखती है, जिसका अर्थ है कि यह फोन के साथ 10 सालों तक बिना खराब हुए चलेगी। यद्यपि वर्तमान में इसका सफल परीक्षण स्मार्टफोन के लिए किया गया है, लेकिन वैज्ञानिकों का अंतिम लक्ष्य इसे इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए व्यावसायिक रूप से तैयार करना है। सोचिए, जब एक इलेक्ट्रिक कार भी पेट्रोल भराने जितने समय (5 मिनट) में फुल चार्ज हो जाएगी, तो दुनिया से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का अंत खुद-ब-खुद हो जाएगा।

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