भारत-तंजानिया संयुक्त व्यापार समिति की 5वीं बैठक दार एस सलाम में हुई आयोजित

भारत-तंजानिया संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) का 5वां सत्र 29-30 अप्रैल 2026 को तंजानिया के दार एस सलाम में आयोजित किया गया। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल और तंजानिया गणराज्य के विदेश मामलों एवं पूर्वी अफ्रीकी सहयोग मंत्रालय के स्थायी सचिव राजदूत डॉ. सैमुअल विलियम शेलुकिंडो ने की। सत्र में अगस्त 2017 में नई दिल्ली में आयोजित चौथे सत्र के बाद से हुई प्रगति की समीक्षा की गई और द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को और सुदृढ़ करने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।
भारत और तंजानिया के बीच मजबूत और घनिष्ठ संबंधों को दर्शाते हुए, सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण में चर्चाएं संपन्न हुईं। विचार-विमर्श में व्यापार और निवेश संबंधी मुद्दों पर संवाद और पारस्परिक लाभकारी आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक प्रमुख संस्थागत तंत्र के रूप में संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) के महत्व को रेखांकित किया गया। द्विपक्षीय व्यापार की व्यापक समीक्षा से पता चला कि अगस्त 2017 में नई दिल्ली में आयोजित चौथी जेटीसी के बाद से इसमें लगातार वृद्धि हुई है। द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 में 9.02 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो 2024-25 में 8.64 बिलियन डॉलर था।
इन चर्चाओं में स्थानीय मुद्राओं में व्यापार निपटान को बढ़ावा देना, भारतीय व्यापारियों के लिए दीर्घकालिक व्यापार वीजा की सुविधा प्रदान करना, फार्मास्यूटिकल्स में नियामक सहयोग को मजबूत करना और स्वास्थ्य, आयुष, शिक्षा और जहाज निर्माण के क्षेत्रों में क्षमता निर्माण जैसे विषय शामिल थे।
भूवैज्ञानिक अन्वेषण और खनन सहित खनन क्षेत्र में सहयोग, रत्न क्षेत्र में मूल्यवर्धन, रत्न निर्यात से संबंधित नियामक विकास और क्षमता निर्माण और कौशल विकास के अवसरों पर चर्चा की गई।
भारत द्वारा तंजानिया में जल अवसंरचना परियोजनाओं के लिए 1.1 बिलियन डॉलर से अधिक की ऋण राशि के माध्यम से किए गए विकास सहयोग को रेखांकित किया गया। वर्तमान में कार्यान्वित हो रही इन परियोजनाओं से 24 शहरों में 60 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। जल आपूर्ति नेटवर्क के विस्तार और अवसंरचना विकास में निरंतर सहयोग एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र बना हुआ है।
आर्थिक विकास, आजीविका और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने में मत्स्य पालन और समुद्री संसाधनों के महत्व पर बल दिया गया। मत्स्य पालन, मछली प्रसंस्करण, क्षमता निर्माण और सतत समुद्री संसाधन प्रबंधन में सहयोग बढ़ाने के लिए तंजानिया के प्रस्ताव को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
शिक्षा और कौशल विकास में सहयोग को सुदृढ़ करना एक प्रमुख फोकस क्षेत्र बना रहा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उच्च शिक्षा के लिए एक उभरते क्षेत्रीय केंद्र के रूप में आईआईटी मद्रास ज़ांज़ीबार की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और नई संस्थागत साझेदारियों की संभावनाओं की खोज करने पर बल दिया गया। व्यावसायिक प्रशिक्षण, औद्योगिक अनुसंधान, नवाचार और सतत प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों की सहयोग के लिए आशाजनक अवसरों के रूप में पहचान की गई।



