2028 से दिल्ली में नहीं चलेंगे पेट्रोल वाले दोपहिया वाहन? सरकार ने पेश की नई और सख्त EV पॉलिसी

राजधानी दिल्ली में हर साल सर्दियों में बढ़ने वाले जानलेवा वायु प्रदूषण से स्थायी रूप से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बेहद सख्त और दूरगामी कदम उठाया है। सरकार ने शनिवार को अपनी ‘ड्राफ्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026’ को सार्वजनिक डोमेन में जारी कर दिया है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर ले जाना है।
इस नई नीति के तहत सबसे बड़ा और चर्चा का विषय बना प्रस्ताव यह है कि साल 2027 के बाद से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और 2028 के बाद से सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि अगर यह ड्राफ्ट पास हो जाता है, तो दिल्ली में पेट्रोल से चलने वाले नए दोपहिया वाहनों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी।
यह कदम डिलीवरी आधारित कंपनियों (जैसे स्विगी, जोमैटो, अमेज़न) और बाइक-टैक्सी सेवाओं के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा, जिन्हें अपने फ्लीट को 100% इलेक्ट्रिक में बदलना होगा। सरकार ने इस ड्राफ्ट पॉलिसी पर 10 मई तक आम नागरिकों, ऑटोमोबाइल कंपनियों और अन्य हितधारकों से सुझाव व फीडबैक मांगे हैं। इसके साथ ही, दिल्ली सरकार पूरे शहर में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भी बड़े पैमाने पर बजट आवंटित करने की योजना बना रही है ताकि आम लोगों को वाहन चार्ज करने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।



