आईसीसी की अंतिम चेतावनी : नहीं सुधरा कनाडा क्रिकेट तो यूएस जैसा होगा हाल
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने कनाडा क्रिकेट बोर्ड को सीधी और अंतिम चेतावनी दे दी है। आईसीसी ने साफ कहा है कि अब संभलने का समय है, वरना यूएस की तरह क्रिकेट कनाडा पर भी कब्जा कर लिया जाएगा।
यह चेतावनी अचानक सामने आई है, क्योंकि आमतौर पर गवर्निंग बॉडी इतनी तेजी से कदम नहीं उठाती। क्रिकेट कनाडा को लंबे समय तक आईसीसी ने छूट दी, लेकिन अब साफ संकेत दे दिया गया है कि उसे तुरंत सुधार करना होगा।
आईसीसी ने यूएस क्रिकेट के मामले में तेजी इसलिए दिखाई थी क्योंकि यह खेल 100 साल के लंबे अंतराल के बाद 2028 में ओलंपिक में वापसी करने जा रहा है। आईसीसी ऐसे देश से लाभ कमाना चाहता है, जिसके पास जबरदस्त मार्केटिंग पावर हो।

क्रिकेट कनाडा प्रेसिडेंट अमजद बाजवा ने पुष्टि की कि आईसीसी ने एक अधिकारी को देश भेजा था, जो क्रिकेट कनाडा की एग्जीक्यूटिव मीटिंग में शामिल हुआ था, और उसी दौरान यह सख्त रुख अपनाया गया। बाजवा के मुताबिक, “आईसीसी के अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया था कि अगर हालात नहीं सुधरे तो हमारे एसोसिएशन को भी उसी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया जाएगा, जैसे यूएस में किया गया था।”
अब सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों कहा गया। दरअसल, कई मौके ऐसे आए जब सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले दो सालों में ‘द टोरंटो सन’ ने एसोसिएशन की कई कमियों को उजागर किया। इनमें एक मामला सीईओ सलमान खान से जुड़ा था, जिन पर कैलगरी पुलिस ने चोरी और धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे।
2014 से 2016 के बीच कैलगरी एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट लीग से फंड गायब होने का मामला भी सामने आया था, जिसे 2017 तक टाल दिया गया। खान को पहले पूरी सैलरी के साथ सस्पेंड किया गया, लेकिन बाद में उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।
नेशनल कोच से जुड़े दो विवाद सामने आए। पुबुदु दस्सनायके, जिन्होंने दो साल पहले टीम को वर्ल्ड टी20 कप जिताया था और 2027 वर्ल्ड कप (50 ओवर) के लिए क्वालीफाई भी कराया था, उन्हें बिना स्पष्ट कारण के हटा दिया गया।
उन्होंने गलत तरीके से निकाले जाने के खिलाफ केस किया, जो अब भी कोर्ट में लंबित है। उनके बाद खुर्रम राशिद चौहान कोच बने, लेकिन उनका भी चयन को लेकर बोर्ड से विवाद हो गया। आरोप यह भी लगे कि टीम में बदलाव गैंबलिंग सिंडिकेट के दबाव में किए गए। क्रिकेट कनाडा के तीन सदस्य मैच पर सट्टा लगाते हुए पकड़े गए।
आईसीसी ने टोरंटो में एक डेलीगेशन भेजा और मैच फिक्सिंग व अवैध सट्टेबाजी से जुड़े सबूत भी सौंपे गए, लेकिन फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि कोच को पद छोड़ने के बाद मीडिया से बात करने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें जान से मारने की धमकियां तक मिलीं।
ग्लोबल टी20 लीग से जुड़ा एक और मामला सामने आया, जिसमें बॉम्बे स्पोर्ट्स, जो इस टूर्नामेंट का आयोजक है, शामिल था। इसके अलावा इंटरनेशनल खिलाड़ियों की सैलरी दो महीने तक रोक दी गई, जबकि क्रिकेट कनाडा के सीईओ और कोषाध्यक्ष को लाखों की सैलरी मिलती रही।



