सीएसके की जीत में सैमसन का जलवा, दिल्ली कैपिटल्स की प्लेऑफ राह मुश्किल
धीमी और गेंदबाजों के अनुकूल पिच पर जहां ज्यादातर बल्लेबाज जूझते नजर आए, संजू सैमसन ने हालात को पूरी तरह बदलते हुए मैच पर एकतरफा नियंत्रण स्थापित कर दिया। उनकी 87 रन की नाबाद पारी ने चेन्नई सुपरकिंग्स को न सिर्फ आसान जीत दिलाई बल्कि प्लेऑफ की उम्मीदों को भी मजबूती दी।
दिल्ली कैपिटल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए संघर्षपूर्ण शुरुआत के बाद 155 रन बनाए। टीम एक समय 69 रन पर पांच विकेट खोकर संकट में थी, लेकिन ट्रिस्टन स्टब्स (38) और समीर रिजवी (नाबाद 40) के बीच 65 रन की साझेदारी ने पारी को संभाला। अंत में आशुतोष शर्मा के ताबड़तोड़ 14 रन और रिजवी के आक्रामक अंदाज ने टीम को 150 के पार पहुंचाया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए मुकाबला पूरी तरह सैमसन के नाम रहा। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पारी को संभालते हुए कार्तिक शर्मा (नाबाद 41) के साथ तीसरे विकेट के लिए 114 रन की अटूट साझेदारी की। इस साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। सैमसन ने सात चौके और छह छक्के लगाए, जबकि कार्तिक ने संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाया।

चेन्नई की शुरुआत हालांकि धीमी रही। कप्तान रुतुराज गायकवाड़ सिर्फ 6 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि उर्विल पटेल ने थोड़ी तेजी दिखाई लेकिन लंबी पारी नहीं खेल सके। इसके बाद सैमसन ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली और गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया।
दिल्ली के गेंदबाजों में अक्षर पटेल और लुंगी एनगिडी को एक-एक विकेट मिला, लेकिन वे रन गति पर अंकुश नहीं लगा सके। दूसरी ओर चेन्नई के गेंदबाजों में नूर अहमद ने 2 विकेट लेकर प्रभाव डाला, जबकि अकील हुसैन ने किफायती गेंदबाजी की।
दिल्ली की बल्लेबाजी में शीर्ष क्रम पूरी तरह विफल रहा—केएल राहुल, पथुम निसंका, नीतिश राणा और करुण नायर अच्छी शुरुआत के बावजूद बड़ी पारी नहीं खेल सके। इसी कारण टीम बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच पाई। चेन्नई ने दिल्ली द्वारा दिए गए लक्ष्य हासिल कर लिया। यह टीम की 10 मैचों में पांचवीं जीत रही, जिससे वह अंक तालिका में छठे स्थान पर है। दिल्ली की छठी हार ने उसकी प्लेऑफ की राह मुश्किल कर दी है।



