दिल्ली में घरेलू दम पर भारत की नजर प्लेऑफ पर, श्रीवल्ली के बाहर होने से चुनौती बढ़ी
भारत 2026 के प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने के लक्ष्य के साथ मंगलवार से यहां डीएलटीए कॉम्प्लेक्स में होने वाले बिली जीन किंग कप टेनिस टूर्नामेंट के एशिया-ओशिनिया ग्रुप एक के मुकाबलों में परिचित परिस्थितियों और घरेलू समर्थन का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगा।
भारत को हालांकि प्रतिभाशाली श्रीवल्ली भामिदिपति के हटने से बड़ा झटका लगा है। इंडोनेशिया, कोरिया, मंगोलिया, न्यूजीलैंड और थाईलैंड जैसी टीमों की मौजूदगी में भारतीय टीम के सामने कड़ी चुनौती रहने वाली है। इस टूर्नामेंट में केवल शीर्ष दो टीमें ही अगले दौर में पहुंचेंगी, जबकि सबसे निचले स्थान पर रहने वाली दो टीमें 2027 के लिए ग्रुप दो में चली जाएंगी।
भारत का 2025 में बेंगलुरु में हुए प्लेऑफ में प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, जहां वह तीन टीमों के ग्रुप जी में तीसरे स्थान पर रहा था। मेजबान टीम को तब स्लोवेनिया से 1-2 और नीदरलैंड से 0-3 से हार झेलनी पड़ी थी, नवोदित खिलाड़ी श्रीवल्ली और सहजा यमलापल्ली ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया था।

अब भारत से एकल मुकाबलों में पूरी जिम्मेदारी सहजा और वैष्णवी अडकर पर आ गई है। वहीं, अनुभवी अंकिता रैना से युगल मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है, जहां वह रुतुजा भोसले के साथ जोड़ी बनाएंगी। अगर कप्तान विशाल उप्पल उन्हें एकल में भी उतारते हैं, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा।
भारत की नंबर दो खिलाड़ी सहजा की विश्व रैंकिंग 384 है और वह आईटीएफ सर्किट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। पिछले एक साल में वह कई टूर्नामेंटों के सेमीफाइनल तक पहुंची हैं और डब्ल्यूटीए स्तर पर भी अनुभव हासिल किया है।
श्रीवल्ली ने राष्ट्रीय टीम के लिए बड़े मुकाबलों में अपने जज्बे का परिचय दिया है। उन्होंने 2025 में एशिया-ओशिनिया ग्रुप एक में अजेय रहते हुए भारत को अगले दौर में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी, इसलिए उनका बाहर होना टीम के लिए बड़ा नुकसान है।
कप्तान विशाल उप्पल ने एक समाचार एजेंसी से कहा, “श्रीवल्ली पीठ में ऐंठन के कारण टीम से बाहर हो गईं। उनकी जगह वैदेही चौधरी को शामिल किया जाना था, लेकिन अभ्यास के दौरान उनके टखने में मोच आ गई और वह अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं। इसलिए उनकी जगह जील देसाई को टीम में शामिल किया गया है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारे पास जो खिलाड़ी उपलब्ध हैं, हमें उन्हीं के साथ खेलना होगा और अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा। मैं इस पर ध्यान दे रहा हूं कि हमारे पास जो संसाधन हैं, उनका हम बेहतर उपयोग कैसे कर सकते हैं।”
वैष्णवी अडकर ने भारतीय एकल टीम को मजबूती दी है। वह 383वीं विश्व रैंकिंग के साथ देश की नंबर एक एकल खिलाड़ी हैं और बेंगलुरु में महिला 100 प्रतियोगिता के फाइनल तक पहुंच चुकी हैं।
इंडोनेशिया इस टूर्नामेंट में प्रबल दावेदार के रूप में उतर रहा है, जिसकी अगुवाई विश्व की 41वीं रैंकिंग वाली खिलाड़ी जेनिस टजेन कर रही हैं। उन्होंने पिछले साल यूएस ओपन में अपने ग्रैंड स्लैम पदार्पण पर एक मैच जीतकर सुर्खियां बटोरी थीं।
उन्होंने 2026 में भी अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी और ऑस्ट्रेलियाई ओपन में शीर्ष 30 खिलाड़ी लेयला फर्नांडीज को हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। प्रिस्का मैडेलिन नुग्रोहो और युगल विशेषज्ञ अल्दिला सुत्जियादी के साथ इंडोनेशिया की टीम संतुलित नजर आती है।
कोरिया की टीम में सोह्युन पार्क और यूनहे ली शामिल हैं, जबकि न्यूजीलैंड की ओर से युगल विशेषज्ञ एरिन राउटलिफ खतरनाक साबित हो सकती हैं, हालांकि उन्हें अनुभवी लुलु सन (विश्व रैंकिंग 106) की कमी महसूस होगी।
पैटचारिन चीपचंदेज और पींगटार्न प्लिपुएच के नेतृत्व में थाईलैंड की टीम भी किसी भी मजबूत टीम को चुनौती देने की क्षमता रखती है, जबकि मंगोलिया की टीम सबसे कम अनुभवी होने के बावजूद अप्रत्याशित प्रदर्शन कर सकती है। भारत के लिए सबसे अहम होगा कि वह घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाए और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करे, क्योंकि यही वह क्षेत्र रहा है जहां बेंगलुरु में उसे हार का सामना करना पड़ा था।
टीमें
भारत: सहजा यमलापल्ली, वैष्णवी अडकर, ज़ील देसाई, अंकिता रैना, रुतुजा भोसले।
इंडोनेशिया: जेनिस तजेन, प्रिस्का मैडेलिन नुग्रोहो, अंजलि किराना जुनार्टो, मेडियाना लावियोला रेइन्माह और अल्दिला सुत्जियादी।
कोरिया: सोह्युन पार्क, यूनहे ली, डेयॉन बैक, बोयंग जियोंग, गेउल जांग।
मंगोलिया: जार्गल अल्टानसरनाई, खोंगोरज़ुल अलडार्किशिग, अनु-विजिन गैंटोर, ओयुंगेरेल खासबातर।
न्यूजीलैंड: मोनिक बैरी, वेलेंटीना इवानोव, आइशी दास और एरिन राउटलिफ।
थाईलैंड: पैटचारिन चीपचंदेज, एंचिसा चांटा, थासापोर्न नाकलो, पींगटार्न प्लिपुएच और कामोनवान योडपेच।



