यूक्रेन ने एलन मस्क के स्टारलिंक 'दुरुपयोग' के आरोपों को किया खारिज, कहा- नागरिक नेटवर्क आक्रामक अभियानों के लिए नहीं

अभिषेक सिंह
नई दिल्ली/कीव: टेक अरबपति एलन मस्क और यूक्रेन के बीच स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार (26 अक्टूबर, 2026) को यूक्रेन ने एलन मस्क के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि यूक्रेन ड्रोन हमलों के लिए स्टारलिंक का इस्तेमाल करके सेवा की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है।
मस्क का आरोप
स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने हाल ही में आरोप लगाया था कि यूक्रेन स्टारलिंक सेवा का इस्तेमाल रूस के खिलाफ आक्रामक ड्रोन हमलों को अंजाम देने के लिए कर रहा है। मस्क का कहना था कि यह स्टारलिंक की सेवा शर्तों का सीधा उल्लंघन है। गौरतलब है कि मस्क ने युद्ध की शुरुआत में यूक्रेन को स्टारलिंक टर्मिनल मुहैया कराए थे, लेकिन उन्होंने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य केवल नागरिक संचार को बनाए रखना और रक्षात्मक उद्देश्यों को पूरा करना था, न कि आक्रामक सैन्य कार्रवाई।
यूक्रेन ने दिया पलटवार
एलन मस्क के इन आरोपों पर यूक्रेन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। यूक्रेनी अधिकारियों ने मस्क के दावों को पूरी तरह से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि नागरिक स्टारलिंक नेटवर्क आक्रामक सैन्य अभियानों के लिए उपयुक्त नहीं है। यूक्रेन का तर्क है कि यह एक सिविलियन (नागरिक) नेटवर्क है और इसकी तकनीकी क्षमताएं इस तरह के सटीक और आक्रामक ड्रोन हमलों के लिए डिज़ाइन नहीं की गई हैं। यूक्रेन ने यह भी जोर दिया कि स्टारलिंक का उपयोग मुख्य रूप से युद्धग्रस्त क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जा रहा है।
रणनीतिक तकनीक पर छिड़ी बहस
स्टारलिंक यूक्रेन की सेना के लिए संचार का एक बहुत बड़ा साधन है। युद्ध के दौरान जब पारंपरिक इंटरनेट और संचार नेटवर्क ध्वस्त हो गए थे, तब स्टारलिंक ने फ्रंटलाइन पर यूक्रेनी सैनिकों को जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे में मस्क का यह दावा कि ड्रोन हमलों में इसका इस्तेमाल हो रहा है, तकनीकी और सैन्य रणनीति के लिहाज से एक बड़ी बहस का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह विवाद निजी तकनीकी कंपनियों के युद्ध में शामिल होने और उनके द्वारा तय की जाने वाली शर्तों को लेकर उठने वाली जटिलताओं को दर्शाता है। फिलहाल, यूक्रेन ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है और इस मामले में आगे क्या तकनीकी या राजनयिक घटनाक्रम होता है, यह देखना बाकी है।
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