आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल हुए सौरव गांगुली, जन्मदिन पर मिला खास सम्मान
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को बुधवार (8 जुलाई) को उनके 54वें जन्मदिन पर एक शानदार तोहफा मिला, जब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने उन्हें आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल करने का फैसला लिया।
आईसीसी ने यह फैसला स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबर्ग में आयोजित बोर्ड की वार्षिक बैठक में लिया। इसके साथ ही सौरव गांगुली आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले कुल 12वें भारतीय क्रिकेटर और 10वें पुरुष भारतीय क्रिकेटर बन गए।
प्रतिष्ठित आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किए जाने पर गांगुली ने गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने खेल के कुछ सबसे महान खिलाड़ियों के साथ इस सूची में शामिल होने को अपने लिए “बहुत बड़ा सम्मान” बताया।

गांगुली ने एक्स पर लिखा, “मुझे हॉल ऑफ फेम में शामिल करने के लिए आईसीसी और चेयरमैन जय शाह का धन्यवाद। यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले 10 भारतीयों में से एक बनना और कुछ महान नामों का हिस्सा बनना अद्भुत है।”
Thank you ICC and Chairman Jay shah @JayShah for inducting me in the hall of fame .. it’s a huge honour ..One of the 10 Indians to be inducted in the hall of fame ever .. Amazing to be a part of some great names .. @bcci
— Sourav Ganguly (@SGanguly99) July 8, 2026
फिलहाल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के प्रमुख सौरव गांगुली ने नवंबर 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट मैच खेलने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। अपने शानदार करियर में उन्होंने 311 वनडे मैचों में 22 शतकों की मदद से 11,363 रन बनाए और 132 विकेट भी हासिल किए। वहीं, 113 टेस्ट मैचों में उन्होंने 7,212 रन बनाए।
खेल से संन्यास लेने के बाद गांगुली क्रिकेट प्रशासन से जुड़ गए और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष बने। उन्होंने 23 अक्टूबर 2019 को यह पद संभाला और 18 अक्टूबर 2022 तक भारतीय क्रिकेट की कमान संभाली। वर्तमान में वह एसए20 में प्रिटोरिया कैपिटल्स के मुख्य कोच हैं। इसके अलावा वह आईपीएल और डब्ल्यूपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेट डायरेक्टर की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।
भारतीय क्रिकेट में गांगुली का सबसे बड़ा योगदान 2000 से 2005 के बीच कप्तान के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान रहा। मैच फिक्सिंग संकट के बाद उन्होंने भारतीय टीम को नई दिशा दी और उसे दोबारा विश्व क्रिकेट की मजबूत टीमों में शामिल कराया।
उनकी कप्तानी में भारत ने 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी जीती, 2002 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में संयुक्त विजेता बना, 2003 वनडे विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई और 2004 में पाकिस्तान में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत दर्ज की।इसके अलावा, उन्होंने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 के ऐतिहासिक टेस्ट मैच में भी भारत को यादगार जीत दिलाई, जिसे क्रिकेट इतिहास के सबसे महान टेस्ट मुकाबलों में गिना जाता है।
आईसीसी हॉल ऑफ फेम क्रिकेट के लंबे और गौरवशाली इतिहास में खेल के महान खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान करने के लिए स्थापित किया गया है। इस विशेष क्लब की शुरुआत आईसीसी ने 2 जनवरी, 2009 को दुबई में फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन के सहयोग से की थी। यह सम्मान आईसीसी के शताब्दी समारोह का हिस्सा था और हर वर्ष इसकी घोषणा आईसीसी वार्षिक पुरस्कारों के दौरान की जाती है।
आईसीसी हॉल ऑफ फेम (भारतीय क्रिकेटर)
बिशन सिंह बेदी (2009)
सुनील गावस्कर (2009)
कपिल देव (2010)
अनिल कुंबले (2015)
राहुल द्रविड़ (2018)
सचिन तेंदुलकर (2019)
विनू मांकड़ (2021)
डायना एडुलजी (2023)
वीरेंद्र सहवाग (2023)
नीतू डेविड (2024)
एमएस धोनी (2025)
सौरव गांगुली (2026)



