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यूपी में शिक्षा और रोजगार का नया मॉडल: बंद पड़े 58 इंजीनियरिंग कॉलेज बनेंगे ‘पीपीपी-स्किल हब’, सीएम योगी ने दी सैद्धांतिक मंजूरी

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ लखनऊ: उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बेहद दूरदर्शी और ऐतिहासिक फैसले पर मुहर लगा दी है। राज्य में पिछले एक साल के दौरान छात्रों की कमी के कारण बंद हुए 58 निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों की विशाल इमारतों और बुनियादी ढांचे को अब खंडहर होने से बचाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन’ (UPSDM) के उस अहम प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिसके तहत इन बंद पड़े परिसरों को अब ‘अत्याधुनिक पीपीपी-स्किल हब’ (Public-Private Partnership Skill Hubs) में तब्दील किया जाएगा।

क्या है यह ‘पीपीपी-स्किल हब’ मॉडल?

सरकार का मानना है कि इन निजी कॉलेजों में करोड़ों रुपये की लागत से शानदार कक्षाएं, हॉस्टल और लैब्स बनाए गए थे। अब राज्य सरकार इन्हें लंबी लीज पर लेगी और देश की बड़ी औद्योगिक कंपनियों (Corporate Houses) के साथ मिलकर इनका संचालन करेगी।
* इसमें सरकार केवल बुनियादी ढांचा (Infrastructure) मुहैया कराएगी, जबकि मशीनरी, उपकरण और ट्रेनिंग देने का काम सीधे प्राइवेट कंपनियां (जैसे टाटा मोटर्स, सैमसंग, एलएंडटी आदि) करेंगी।
* इन हब्स में डिग्री बांटने के बजाय केवल 6 महीने से लेकर 2 साल तक के ‘शॉर्ट-टर्म स्किल सर्टिफिकेट कोर्सेस’ चलाए जाएंगे।

किन क्षेत्रों में दी जाएगी ट्रेनिंग?

ये नए कौशल विकास केंद्र भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे हैं। यहां उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर (Defense Corridor) और ओडीओपी (ODOP) से जुड़े उद्योगों के लिए कुशल कारीगर तैयार किए जाएंगे। मुख्य रूप से:
* ड्रोन असेंबलिंग और एआई (AI) कोडिंग
* इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मैन्युफैक्चरिंग और बैटरी सर्विसिंग
* सोलर पैनल टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी
* उन्नत मशीनिंग (CNC Operations) और रोबोटिक्स में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।

सीधे प्लेसमेंट (Direct Job Placement) की गारंटी

इस पीपीपी मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि जो कंपनी ट्रेनिंग देगी, वही सफल युवाओं को अपने प्लांट में सीधी नौकरी (Placement) भी देगी। उद्योग जगत लंबे समय से शिकायत कर रहा था कि उनके पास डिग्री होल्डर इंजीनियर तो बहुत हैं, लेकिन उनके पास हाथों का हुनर (Practical Skills) नहीं है। यह योजना उस ‘स्किल गैप’ (Skill Gap) को पूरी तरह भर देगी।

मुख्यमंत्री ने तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द कंपनियों से निविदाएं (Tenders) आमंत्रित करें और अगले 6 महीनों के भीतर कम से कम 20 परिसरों में ट्रेनिंग का पहला बैच शुरू कर दें। इस योजना से उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार मिलेगा।

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