केतन मर्डर केस में खौफनाक खुलासा : गूगल पर खोजा मौत का तरीका, कत्ल से पहले पहाड़ी पर की थी ‘मर्डर रिहर्सल’

पुणे: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में आए दिन ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिसने पुलिस प्रशासन को भी हैरत में डाल दिया है। इस सनसनीखेज मर्डर केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की खौफनाक साजिश की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस जांच में अब यह नया और बड़ा खुलासा हुआ है कि केतन को मौत के घाट उतारने से पहले दोनों आरोपियों ने बाकायदा एक पहाड़ी पर हत्या की ‘रिहर्सल’ की थी।
लुल्ला नगर की पहाड़ी पर की थी केतन को धक्का देने की प्रैक्टिस
पुणे ग्रामीण पुलिस के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने पुणे के लुल्ला नगर इलाके (सेक्टर-37) में स्थित एक क्लब के पास खुली जगह पर हत्या का पूर्वाभ्यास किया था। दोनों ने इस पहाड़ी से केतन को नीचे धकेलने का अभ्यास ठीक उसी तरह किया था, जैसा उन्होंने बाद में लोहगढ़ किले की चट्टान पर जाकर किया। यह रिहर्सल की जगह मार्केट यार्ड इलाके में स्थित सिया के घर ‘लीला कुंज’ से महज कुछ ही दूरी पर है। पुलिस टीम सिया को उसके घर ले गई, जहां से वारदात के दिन (18 जून) पहने गए कपड़े बरामद किए गए, जिसके बाद उसे उसी पहाड़ी पर ले जाया गया जहां उसने रिहर्सल वाली जगह की शिनाख्त की।
डमी गिराकर रिक्रिएट किया क्राइम सीन, अब पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुणे पुलिस ने साक्ष्य मजबूत करने के लिए क्राइम सीन को दो बार री-क्रिएट (दोहराया) किया है। रविवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया गोयल की मौजूदगी में लोहगढ़ किले की चट्टान से एक डमी को नीचे धकेलकर देखा। इसके ठीक तीन दिन बाद यानी बुधवार को सह-आरोपी चेतन चौधरी को भी घटना स्थल पर ले जाकर पूरे घटनाक्रम को दोहराया गया। अब पुलिस इस मर्डर मिस्ट्री के बचे हुए राज उगलवाने के लिए दोनों आरोपियों का लाई डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) टेस्ट कराने की तैयारी में है, जिसके लिए कोर्ट से अनुमति मांगी गई है।
मई में ही बन गया था प्लान; गूगल सर्च से लेकर हुलिया बदलने तक की तैयारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि केतन को रास्ते से हटाने की यह पूरी साजिश हफ्तों पहले यानी मई के आखिर में ही रच ली गई थी। सिया और चेतन ने वारदात को अंजाम देने के लिए गूगल पर ‘कत्ल करने के तरीके’ सर्च किए थे। इतना ही नहीं, पुलिस के पकड़े जाने पर क्या जवाब देना है, इसका भी दोनों ने बाकायदा अभ्यास किया था। पकड़े जाने के डर से दोनों ने अपना हुलिया बदलने और सीसीटीवी व टोल प्लाजा के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से बचने के लिए कार के बजाय स्कूटर से लोहगढ़ किला जाने का फैसला किया था।
33 डिग्री तापमान में पहनी ‘हुडी’ ही बन गई चेतन की बर्बादी का कारण
चेतन चौधरी ने पुलिस और सीसीटीवी कैमरों से अपना चेहरा छिपाने के लिए लोहगढ़ किले पर चढ़ाई के दौरान एक ‘हुडी’ पहन रखी थी। लेकिन बेहद शातिर तरीके से बनाई गई इस योजना में यही हुडी उनकी सबसे बड़ी चूक साबित हुई। जून की चिलचिलाती गर्मी और 33 डिग्री सेल्सियस के तापमान में हुडी पहनकर घूमना वहां मौजूद लोगों और पुलिस को खटक गया, जिससे पुलिस का शक गहराया और अंततः यही हुडी चेतन को सलाखों के पीछे ले आई। फिलहाल पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्कूटर को जब्त कर लिया है और आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।



