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अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश से भारी भूस्खलन: सिजी नदी का प्रवाह रुकने से असम के निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी

अभिषेक सिंह/ गुवाहाटी/ईटानगर: उत्तर-पूर्व के राज्यों में मानसून की दस्तक के साथ ही आफत का दौर शुरू हो गया है। अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी और पहाड़ी इलाकों में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण एक बड़ा भूस्खलन (Landslide) हुआ है। इस भूस्खलन के मलबे के कारण सिजी (Siji) नदी का प्राकृतिक प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया है। नदी का रास्ता रुकने से ऊपरी इलाके में एक अस्थाई कृत्रिम झील बनने का खतरा पैदा हो गया है, जिसके चलते पड़ोसी राज्य असम के निचले इलाकों के लिए प्रशासन ने आपातकालीन चेतावनी (High Alert) जारी कर दी है।

कृत्रिम झील बनने से बढ़ा बाढ़ का खतरा
स्थानीय आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, भारी मात्रा में गिरे मलबे और चट्टानों ने सिजी नदी की मुख्य धारा को रोक दिया है। यदि समय रहते इस रुकावट को सुरक्षित तरीके से नहीं हटाया गया या पानी का दबाव बढ़ने से यह मलबा अचानक बहा, तो निचले इलाकों में अचानक भीषण बाढ़ (Flash Flood) आ सकती है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उपग्रह चित्रों के माध्यम से मलबे के फैलाव का आकलन किया जा रहा है।

असम के कई जिलों में अलर्ट, सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह
इस घटना के बाद असम सरकार के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए धेमाजी, लखीमपुर और सिबसागर सहित सिजी व ब्रह्मपुत्र के मैदानी इलाकों के जिला प्रशासनों को सतर्क कर दिया है।

नदी के किनारे और निचले मैदानी इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित और ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। जिला मजिस्ट्रेटों ने मुनादी करवाकर लोगों को नदी के करीब न जाने की हिदायत दी है।

राहत और बचाव दल तैनात
अरुणाचल प्रदेश और असम दोनों राज्यों की प्रशासनिक मशीनरी आपस में तालमेल बिठाकर काम कर रही है। भूस्खलन वाले दुर्गम स्थल पर सेना और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के जवानों को भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि पानी के नियंत्रित निकास का रास्ता बनाया जा सके। खराब मौसम और लगातार हो रही रिमझिम बारिश के कारण बचाव अभियान में बाधा आ रही है, लेकिन प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए राहत शिविर और चिकित्सा दल तैयार रखे हैं।

मानसून की शुरुआत में ही बुनियादी ढांचे को नुकसान
मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के दौरान अरुणाचल प्रदेश और असम के अधिकांश हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी रखा है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रहे भूस्खलन से कई प्रमुख सड़कें और संपर्क मार्ग पहले ही टूट चुके हैं, जिससे पहाड़ी गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क कट गया है।

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