मुकेश अंबानी को पछाड़कर झांग यिमिंग बने एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स
टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस के फाउंडर की नेटवर्थ में भारी उछाल

मुंबई (अभिषेक सिंह): वैश्विक कॉर्पोरेट जगत और अरबपतियों की सूची में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला फेरबदल देखने को मिला है। भारत के सबसे अमीर बिजनेसमैन और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को नेटवर्थ के मामले में एक बड़ा झटका लगा है। दुनिया के सबसे लोकप्रिय शॉर्ट-वीडियो प्लेटफॉर्म टिकटॉक (TikTok) की पैरेंट कंपनी ‘बाइटडांस’ (ByteDance) के फाउंडर झांग यिमिंग ने मुकेश अंबानी को पछाड़कर अब एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति का प्रतिष्ठित स्थान हासिल कर लिया है। इस बड़े बदलाव ने वैश्विक बाजार में टेक कंपनियों के बढ़ते दबदबे और पारंपरिक व्यवसायों के सामने आ रही नई चुनौतियों को एक बार फिर रेखांकित कर दिया है।
टेक और एआई के दम पर झांग यिमिंग की ऊंची उड़ान
झांग यिमिंग की संपत्ति में आई इस हालिया तेजी के पीछे उनकी कंपनी बाइटडांस का दुनिया भर में लगातार पैर पसारना है। भले ही टिकटॉक को भारत सहित कुछ देशों में सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित किया गया हो, लेकिन अमेरिका, यूरोप और अन्य वैश्विक बाजारों में इसका क्रेज और रेवेन्यू रिकॉर्ड स्तर पर बना हुआ है। इसके अलावा, बाइटडांस ने हाल के दिनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एल्गोरिदम-बेस्ड कंटेंट डिलीवरी में जो भारी निवेश किया है, उसने निवेशकों को काफी आकर्षित किया है। कंपनी के वैल्यूएशन में हुई इस अभूतपूर्व बढ़ोतरी ने झांग यिमिंग को सीधे मुकेश अंबानी से आगे लाकर खड़ा कर दिया है।
पारंपरिक बनाम न्यू-एज टेक बिजनेस
एक आर्थिक विश्लेषक के रूप में जब हम इस बदलाव को देखते हैं, तो यह केवल दो व्यक्तियों की संपत्ति की तुलना नहीं है, बल्कि यह दो अलग-अलग बिजनेस मॉडल्स की जंग है। मुकेश अंबानी का साम्राज्य तेल, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल और टेलीकॉम (Jio) जैसे भारी इंफ्रास्ट्रक्चर और पारंपरिक सेक्टर्स पर टिका है, जिसमें मुनाफा धीरे-धीरे और स्थिर तरीके से बढ़ता है। इसके विपरीत, झांग यिमिंग का बिजनेस पूरी तरह से ‘न्यू-एज डिजिटल और टेक’ (New-Age Tech) पर आधारित है, जहां डिजिटल एसेट्स और वैश्विक यूजर बेस के दम पर रातों-रात अरबों डॉलर की वैल्यूएशन खड़ी की जा सकती है।
भारतीय बाजार और मुकेश अंबानी की स्थिति
झांग यिमिंग से पीछे होने के बावजूद, मुकेश अंबानी भारतीय बाजार और दक्षिण एशिया में एक अजेय ताकत बने हुए हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज लगातार क्लीन एनर्जी (Green Energy) और 5G/6G तकनीक के विस्तार में बड़ा निवेश कर रही है। हालांकि, शेयर बाजार में हाल ही में आई उतार-चढ़ाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों के समीकरणों ने रिलायंस के शेयरों पर थोड़ा दबाव बनाया, जिससे उनकी नेटवर्थ में मामूली कमी दर्ज की गई।
वैश्विक मंच पर क्या होंगे मायने?
एशिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की इस सूची में अब पहले स्थान पर चीन के ही झोंग शैनशैन (नॉनफू स्प्रिंग के मालिक) और दूसरे स्थान पर झांग यिमिंग के आने से शीर्ष दो पायदानों पर चीन का कब्जा हो गया है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में चीनी टेक दिग्गजों की मजबूत वापसी का भी संकेत है। लेकिन जिस तरह से मुकेश अंबानी और भारत का टेक-इकोसिस्टम लगातार बढ़ रहा है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में रिलायंस के नए डिजिटल और रिटेल वेंचर्स मुकेश अंबानी को दोबारा इस सूची में उनका पुराना स्थान दिला पाते हैं या नहीं।


