Trending

दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर का फ्लैट में मिला शव

रहस्यमयी हालात में मौत से मची सनसनी; हत्या की आशंका

नई दिल्ली (पल्लवी श्रीवास्तव ): देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के अकादमिक जगत में उस वक्त शोक और सनसनी फैल गई, जब शिवाजी कॉलेज की एक जानी-मानी असिस्टेंट प्रोफेसर देबस्मिता पॉल का शव उनके ही फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद इसे प्रथम दृष्टया हत्या का मामला होने की आशंका जताई है। एक उच्च शिक्षित और सम्मानित प्रोफेसर की इस तरह रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब तलाशने के लिए दिल्ली पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं।

कैसे हुआ मौत का खुलासा?
जानकारी के मुताबिक, असिस्टेंट प्रोफेसर देबस्मिता पॉल पिछले कुछ दिनों से अपने परिजनों और सहयोगियों के फोन कॉल्स का जवाब नहीं दे रही थीं। कॉलेज में भी उनकी अनुपस्थिति से उनके साथी चिंतित थे। जब उनके एक परिचित ने उनके फ्लैट पर जाकर देखा तो दरवाजा अंदर से लॉक था और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही थी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब फ्लैट का दरवाजा तोड़ा, तो अंदर देबस्मिता पॉल का शव संदिग्ध हालत में पड़ा मिला। फ्लैट का सारा सामान बिखरा हुआ था, जो इस बात की ओर इशारा कर रहा था कि मौत से पहले वहां किसी तरह का संघर्ष (Scuffle) हुआ होगा।

पुलिस जांच और फोरेंसिक सबूतों की तलाश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमों को मौके पर बुलाया गया। फोरेंसिक टीम ने फिंगरप्रिंट्स, बालों के नमूने और घटनास्थल से अन्य अहम सुराग इकट्ठा किए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा।

कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज पर नजर
दिल्ली पुलिस इस मामले को हर एंगल से खंगाल रही है। पुलिस सबसे पहले देबस्मिता पॉल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिरी बार उनकी किससे बात हुई थी। इसके साथ ही अपार्टमेंट और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए जा रहे हैं, ताकि फ्लैट में आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान की जा सके।

शिवाजी कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों में इस घटना को लेकर गहरा सदमा है। देबस्मिता पॉल को उनके विषय में विशेषज्ञता और मिलनसार स्वभाव के लिए जाना जाता था। एक प्रोफेसर की उनके ही घर में हुई इस संदिग्ध मौत ने दिल्ली में अकेले रहने वाली कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही इस गुत्थी को सुलझा लिया जाएगा।

Related Articles

Back to top button