यूपी में नक्शा पास कराने के नियम बदलेंगे

लखनऊ ( राघवेंद्र प्रताप सिंह) : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार मकानों का नक्शा पास करने के नियमों में बदलाव करने जा रही है। पंचायती राज जिला पंचायतों की ओर से नक्शा पास करने के लिए नई भवन निर्माण उपविधि को जल्द लागू करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सुनियोजित विकास होने के साथ जिला पंचायतों की आय भी बढ़ेगी। पंचायती राज विभाग की ओर से तैयार की गई इस उपविधि का नाम उत्तर प्रदेश जिला पंचायतों के लिए मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि- 2026 होगा। पंचायती राज विभाग की ओर से तैयार की गई इस प्रस्तावित उपविधि पर हितधारकों की शनिवार को बैठक भी बुलाई गई है । जिसमें इस उपविधि पर चर्चा होगी । बिल्डर, आर्किटेक्ट और जिला पंचायतों के अधिकारियों के साथ बैठक होगी।
प्रमुख सचिव, पंचायती राज अनिल कुमार की ओर से इसकी तैयारी की जा रही है । सभी हितधारकों से इस उपविधि पर सुझाव मांगे जाएंगे। आवास विभाग उपविधि की तरह ही पंचायती राज विभाग ने भी अपनी उपविधि तैयार की है। जिला पंचायतें नक्शा पास करने के लिए समन शुल्क, भवन के क्षेत्रफल आदि के आधार पर शुल्क तय होगा। आवासीय और वाणिज्यिक भवनों के नक्शे की स्वीकृति का शुल्क अलग- अलग होगा। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के मुताबिक प्रस्तावित उपविधि को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है । जिला पंचायतों को नक्शा पास करने से अभी 70 करोड़ की आय हो रही है जो आगे बढ़कर 210 करोड़ रुपए हो जाएगी।
वहीं, राज्य सरकार ने ऊंचे अपार्टमेंट बनाने के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) देने की व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। शासन ने निर्मित एवं अनिर्मित क्षेत्रों में एफएआर क्रय योग्य एफएआर की संस्तुति देने के लिए विकास प्राधिकरणों में उपाध्यक्ष और आवास विकास परिषद् में आवास आयुक्त की अध्यक्षता में समिति का गठन कर दिया है। अब इसी समिति के माध्यम से एफएआर की संस्तुति की जाएगी। पहले यह अधिकार विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद बोर्ड के पास था।
प्रमुख सचिव आवास पी गुरु प्रसाद ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। आवास आयुक्त और सभी विका प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को भेजे गए आदेश में नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। नई व्यवस्था के तहत अब यह समिति जरूरी होने पर एफएआर की संस्तुति देने से पहले क्रय एवं प्रिमियम क्रय योग्य एफएआर से संबंधित मानचित्र का परीक्षण स्थलीय निरीक्षण भी कर सकेगी। यह समिति प्रस्तावित निर्माण के सापेक्ष सेट बैक, स्ट्रक्चरल सेफ्टी, अग्निशमन सुरक्षा, पार्किंग सुविधा और अवस्थापना सुविधाओं के लिएतय मानकों का परीक्षण करने बाद ही एफएआर देने की संस्तुति करेगी।



