ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ
पीएम मोदी ने बदली अपनी प्रोफाइल पिक्चर, सेना के अदम्य शौर्य और पराक्रम को किया नमन

नई दिल्ली (डिफेंस एवं नेशनल डेस्क): भारत आज अपने सैन्य इतिहास के एक बेहद गौरवशाली, रणनीतिक और साहसिक अध्याय यानी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की पहली वर्षगांठ मना रहा है। ठीक एक साल पहले आज ही के दिन, भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकवाद के खिलाफ एक बेहद सटीक और कूटनीतिक सैन्य कार्रवाई को अंजाम देकर दुनिया को ‘नए भारत’ की ताकत का एहसास कराया था। इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरा देश अपनी सेना के अदम्य साहस, शौर्य और त्याग को नमन कर रहा है।
पीएम मोदी ने प्रोफाइल पिक्चर बदलकर दिया बड़ा संदेश
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के वीर जवानों को एक बेहद प्रभावशाली और अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री ने सेना के पराक्रम का सम्मान करते हुए अपने सभी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदल दी है। उनकी नई प्रोफाइल पिक्चर देश की सैन्य शक्ति और राष्ट्रवाद की भावना का प्रतीक है। पीएम मोदी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि भारत हमेशा शांति का पैरोकार रहा है, लेकिन जब बात देश की संप्रभुता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा की आती है, तो भारत किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने में जरा भी संकोच नहीं करेगा।
क्या था ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
गौरतलब है कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक बेहद कायरतापूर्ण और बर्बर आतंकी हमले ने पूरे देश को गहरे शोक और भारी आक्रोश में डाल दिया था। खुफिया एजेंसियों ने पुख्ता सबूत जुटाए थे कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी गुटों का सीधा हाथ था। इस जघन्य घटना के बाद, भारत सरकार ने कूटनीतिक और सामरिक स्तर पर एक मास्टरप्लान तैयार किया। इसी कड़ी में भारतीय सेना ने सीमा पार बैठे दुश्मनों और उनके आतंकी लॉन्च पैड्स को नेस्तनाबूद करने के लिए एक बेहद गुप्त और सटीक कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का कूट नाम (Code Name) दिया गया। इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसे बिना किसी नागरिक नुकसान (Collateral Damage) के ‘पिनपॉइंट सटीकता’ के साथ पूरा किया गया था।
तकनीक और मारक क्षमता का सबसे बड़ा उदाहरण
इस वर्षगांठ के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारतीय सैन्य शक्ति के लिए एक बड़ा मील का पत्थर करार दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह ऑपरेशन इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि भारतीय सेना अब पारंपरिक युद्ध शैली से आगे बढ़कर एक उन्नत तकनीक-आधारित सैन्य शक्ति (Tech-Based Military Prowess) में तब्दील हो चुकी है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत के पास अब ऐसी आधुनिक तकनीक, सर्विलांस और अचूक मारक क्षमता है, जिससे दुश्मन दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाए, वह भारतीय सेना की रडार से नहीं बच सकता।
दुश्मनों के लिए एक सख्त चेतावनी
‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने वैश्विक मंच पर भी आतंकवाद के खिलाफ एक कड़ा और स्पष्ट संदेश स्थापित किया है। भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) नीति ने पड़ोसी देश के उन सभी मंसूबों पर पानी फेर दिया है जो प्रॉक्सी वार (Proxy War) के जरिए भारत को अस्थिर करना चाहते हैं। आज जब देश ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ मना रहा है, तो हर नागरिक का सीना गर्व से चौड़ा है। यह दिन न केवल हमारे सैनिकों के पराक्रम का उत्सव है, बल्कि देश के दुश्मनों के लिए यह एक खुली चेतावनी भी है कि ‘नया भारत’ घर में घुसकर मारना भी जानता है।



