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इनामी राशि को लेकर टेनिस में बढ़ा विवाद, सबालेंका बोलीं—जरूरत पड़ी तो करेंगे बहिष्कार

दुनिया की नंबर एक महिला टेनिस खिलाड़ी एरिना सबालेंका ने कहा कि ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट की पुरस्कार राशि में ज्यादा हिस्सा पाने के खिलाड़ी हकदार हैं। चार बार की ग्रैंड स्लैम विजेता ने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो ज्यादा हिस्से के लिए टूर्नामेंट का बहिष्कार करने को भी तैयार हैं।

सबालेंका ने इटैलियन ओपन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “मुझे लगता है कि असली शो हमारी वजह से है। हमारे बिना कोई टूर्नामेंट नहीं हो सकता। वह एंटरटेनमेंट नहीं रहेगा। हम निश्चित रूप से अधिक पुरस्कार राशि पाने के हकदार हैं। मुझे लगता है कि किसी समय हम बहिष्कार भी करेंगे। अपने अधिकारों के लिए लड़ने का यही एकमात्र तरीका है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम खिलाड़ी, खासकर महिलाएं, आसानी से एकजुट हो सकती हैं और इसके लिए कदम उठा सकती हैं। मुझे लगता है कि कई चीजें खिलाड़ियों के साथ सही नहीं हो रही हैं। किसी समय यह मुद्दा अपने चरम पर पहुंच जाएगा।

साभार : गूगल

पिछले साल लगभग सभी बड़े खिलाड़ियों ने चारों ग्रैंड स्लैम आयोजकों को दो पत्रों पर हस्ताक्षर करके भेजे थे, जिनमें पुरस्कार राशि बढ़ाने, संन्यास और मातृत्व के दौरान बेहतर सुविधाएं देने और खिलाड़ियों के कल्याण पर अधिक खर्च करने की मांग की गई थी।

इन पत्रों में टूर्नामेंट राजस्व में 22 प्रतिशत हिस्सेदारी का लक्ष्य रखा गया था, जिससे यह मेजर टूर्नामेंट एटीपी और डब्ल्यूटीए के संयुक्त 1000-लेवल इवेंट्स के बराबर हो सकें।” वहीं, पोलैंड की चार बार की फ्रेंच ओपन विजेता इगा स्वियाटेक ने इस मुद्दे पर थोड़ी अलग राय रखी। उन्होंने कहा, “टूर्नामेंट का बहिष्कार करना शायद थोड़ा ज्यादा बड़ा कदम होगा।

सच कहूं तो सबसे जरूरी बात गवर्निंग बॉडीज के साथ सही संवाद और चर्चा है। हमें अपनी बात रखने के लिए उचित मंच मिलना चाहिए। उम्मीद है कि फ्रेंच ओपन से पहले ऐसी बैठक हो सकेगी और हम देख पाएंगे कि उसमें क्या नतीजा निकलता है।”

खिलाड़ियों ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा था कि फ्रेंच ओपन द्वारा घोषित 9.5 प्रतिशत की पुरस्कार राशि वृद्धि पर्याप्त नहीं है। पिछले साल इस टूर्नामेंट की कुल कमाई 395 मिलियन यूरो रही, जो उससे पहले के वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक थी। हालांकि, कुल पुरस्कार राशि में केवल 5.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिससे खिलाड़ियों का राजस्व हिस्सा घटकर 14.3 प्रतिशत रह गया।

अनुमान है कि इस साल फ्रेंच ओपन का कुल राजस्व 400 मिलियन यूरो से अधिक हो सकता है। इसी कारण खिलाड़ी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। सबालेंका ने फ्रेंच ओपन 2026 की शुरुआत से पहले अपनी मांग रखकर आयोजकों पर पुरस्कार राशि को लेकर दोबारा विचार करने का दबाव बढ़ा दिया है। फ्रेंच ओपन 2026 का आयोजन 18 मई से 7 जून तक किया जाएगा।

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