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उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात

29 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, अब मात्र 5 घंटे में मेरठ से प्रयागराज

उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। लंबे समय से बहुप्रतीक्षित ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ (Ganga Expressway) अब पूरी तरह से बनकर तैयार है और आम जनता के लिए खुलने जा रहा है। आगामी 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विशाल और महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना का उद्घाटन करेंगे। पश्चिमी यूपी को सीधे संगम नगरी प्रयागराज से जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे न केवल सफर को आसान बनाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगा।

सिर्फ 5 घंटे में पूरा होगा 594 किलोमीटर का सफर
इस 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के चालू होने से मेरठ से प्रयागराज के बीच की दूरी महज 5 घंटों में सिमट जाएगी। पहले इस लंबे और थका देने वाले सफर में लगभग 11 से 12 घंटे का समय लगता था। यह एक्सप्रेसवे इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना है। वर्तमान में 6 लेन वाले इस एक्सप्रेसवे को भविष्य के बढ़ते ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए 8 लेन तक विस्तार करने योग्य बनाया गया है। इस पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जिससे यात्रा न केवल तेज़ होगी बल्कि सुरक्षित भी रहेगी।

इन 12 जिलों की बदलेगी तस्वीर
रूट और कनेक्टिविटी की बात करें तो गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगा। यह मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज के जुदापुर दांडू गांव पर समाप्त होगा। इन सभी जिलों के किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को इस शानदार कनेक्टिविटी का सीधा फायदा मिलेगा।

आपातकालीन हवाई पट्टी और आधुनिक सुविधाएं
इस एक्सप्रेसवे की खासियत केवल लंबी दूरी को कम करना ही नहीं है, बल्कि सुरक्षा और आपातकालीन सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। शाहजहांपुर के पास एक्सप्रेसवे पर एक 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी (Airstrip) बनाई गई है, जिसका इस्तेमाल भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की आपातकालीन लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा, पूरे रूट पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS), जनसुविधाएं, पेट्रोल पंप, और ट्रॉमा सेंटर विकसित किए गए हैं।

टोल दरें और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
जहाँ तक टोल दरों (Toll Price) का सवाल है, यूपीडा (UPEIDA) द्वारा जल्द ही इसकी विस्तृत सूची जारी की जाएगी। पूरी तरह से फास्टैग (FASTag) आधारित टोलिंग सिस्टम होने के कारण यात्रियों को किसी भी प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (Industrial Corridors) विकसित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, प्रयागराज और आसपास के धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही में भारी वृद्धि देखने को मिलेगी। 29 अप्रैल को होने वाले इस भव्य उद्घाटन समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं, और उत्तर प्रदेश अब ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ के रूप में अपनी पहचान को और भी पुख्ता कर चुका है।

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