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विजय रथ पर सवार पंजाब किंग्स : लखनऊ को हराकर शीर्ष पर जमाया कब्जा

पंजाब किंग्स ने प्रियांश आर्य (93 रन) और कूपर कोनोली (87 रन) के शानदार अर्धशतकों से यहां आईपीएल टी20 मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 54 रन से आसान जीत के साथ अपना विजय अभियान जारी रखा।

पंजाब किंग्स ने छह मैचों में से पांच जीत के साथ 11 अंक हासिल कर अंकतालिका में शीर्ष स्थान बनाए रखा है। वहीं एलएसजी को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा। सलामी बल्लेबाज प्रियांश और कोनोली के बीच दूसरे विकेट के लिए 182 रन की बड़ी साझेदारी ने पंजाब को 254 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया।

लक्ष्य का पीछा करते हुए एलएसजी 200 रन ही बना सकी। कप्तान ऋषभ पंत ने 43 रन, ऐडन मारक्रम ने 42, मिचेल मार्श ने 40 और आयुष बडोनी ने 35 रन का योगदान दिया। पंजाब से मार्को यानसेन ने दो विकेट लिए, जबकि अर्शदीप सिंह, विजयकुमार विशाक और युजवेंद्र चहल को एक-एक विकेट मिला।

© BCCI

जीत के बावजूद पंजाब किंग्स की फील्डिंग चिंता का विषय रही। टीम के खिलाड़ियों ने कई कैच छोड़े, जिनमें शशांक सिंह ने अकेले लगभग तीन कैच टपकाए। अगर ये कैच पकड़ लिए जाते, तो जीत का अंतर और भी बड़ा हो सकता था।

दिल्ली के 24 वर्षीय प्रियांश ने अपनी पारी में नौ छक्के और चार चौके लगाए, जबकि ऑस्ट्रेलिया के कोनोली ने आठ चौके और सात छक्के जड़े। दोनों के बीच 80 गेंदों की साझेदारी में कुल 16 छक्के (जिनमें नौ प्रियांश के थे) और 12 चौके लगे।

मार्कस स्टोइनिस ने अंतिम गेंद पर रन आउट होने से पहले 29 रन बनाए। पंजाब ने पावरप्ले में एक विकेट पर 63 रन बनाए, लेकिन सातवें से 11वें ओवर के बीच का मध्य चरण और भी प्रभावशाली रहा, जहां 66 रन जोड़े गए।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी एलएसजी ने आयुष बडोनी को ओपनिंग के लिए भेजा, लेकिन वह अर्शदीप के सामने संघर्ष करते दिखे। तीसरे ओवर में पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने मार्श का कैच छोड़ दिया, जिसका फायदा उठाते हुए मार्श ने अर्शदीप के दूसरे ओवर में 17 रन बटोरे।

मार्श और बडोनी ने तेजी से रन बनाए और बार्टलेट के ओवर में 15 रन जोड़े। हालांकि जल्द ही विशाक ने बडोनी को आउट कर 61 रन की साझेदारी तोड़ दी।

ऋषभ पंत ने सातवें ओवर में यानसेन पर लगातार दो छक्के लगाकर बड़ी पारी के संकेत दिए। 11 ओवर के बाद टीम का स्कोर एक विकेट पर 109 रन था। लेकिन अगले ही ओवर में मार्श, चहल की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में बार्टलेट को कैच दे बैठे।

पंत ने चहल के उसी ओवर में लगातार दो छक्के लगाकर दबाव कम करने की कोशिश की, लेकिन 13वें ओवर में अर्शदीप की वाइड यॉर्कर पर विकेटकीपर प्रभसिमरन को कैच दे बैठे। इसके बाद पंजाब के गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा और एलएसजी की रन गति थम गई। निकोलस पूरन (9) एक बार फिर फ्लॉप रहे, जबकि मुकुल चौधरी ने नाबाद 21 रन बनाए।

इससे पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर मजबूत कद-काठी वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज प्रियांश ने बेहद आक्रामक अंदाज में खेलते हुए कम फुटवर्क के साथ केवल ताकत और टाइमिंग के दम पर गेंदों को बाउंड्री पार भेजा।

उन्होंने फुल लेंथ गेंदों को सीधे या एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से मारा, छोटी और वाइड गेंदों को कट और रैंप शॉट से खेला, जबकि बाउंसर गेंदों को पुल और हुक से बाउंड्री पार पहुंचाया।

प्रियांश ने गौतम गंभीर के बचपन के कोच संजय भारद्वाज से क्रिकेट की बारीकियां सीखी हैं। दूसरी ओर कोनोली की बल्लेबाजी शैली अलग रही। उनके एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से लगाए गए छक्के और फ्रंट फुट पर आकर डीप मिड-विकेट की दिशा में खेले गए पुल शॉट प्रभावशाली थे, जिन्हें देखकर कोच रिकी पोंटिंग भी गर्व महसूस करते होंगे।

दोनों बल्लेबाजों की शैली अलग थी—प्रियांश ने सिर्फ 19 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और अगले 43 रन 18 गेंदों में बनाए। वहीं कोनोली ने 35 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसके बाद 12 गेंदों में 37 रन ठोक दिए।

प्रियांश तब भी नहीं घबराए जब उनके ओपनिंग पार्टनर प्रभसिमरन सिंह मोहम्मद शमी की आउटस्विंगर पर पहली ही गेंद पर आउट हो गए।

एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत को इस बात का अफसोस जरूर होगा कि उन्होंने शुरुआत में मोहसिन खान द्वारा कोनोली के खिलाफ की गई एलबीडब्ल्यू अपील पर डीआरएस नहीं लिया। रिप्ले में साफ दिखा कि अगर डीआरएस लिया जाता तो कोनोली आउट करार दिए जाते।

इसके बाद मोहसिन का आत्मविश्वास गिर गया और उन्होंने अपने तीसरे ओवर में 20 रन दे दिए, जिससे मैच की लय एलएसजी के हाथ से निकल गई।

एलएसजी के लिए एकमात्र सकारात्मक पहलू प्रिंस यादव रहे, जिन्होंने दो विकेट लिए। प्रियांश और कोनोली दोनों ही थोड़े अंतराल में आउट हो गए, हालांकि उस समय दोनों का शतक बनाना आसान लग रहा था। प्रियांश अपना 10वां छक्का लगाने की कोशिश में थे, लेकिन मिचेल मार्श ने बाउंड्री लाइन पर उनका कैच लपक लिया।

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