धोनी का ‘गुरु मंत्र’ आया काम: चोटिल होने के बाद भी माही ने बदली नूर अहमद की किस्मत
महेंद्र सिंह धोनी भले ही चोटिल होने के कारण इंडियन प्रीमियर लीग के वर्तमान सत्र में अभी तक नहीं खेल पाए हैं लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स के प्रदर्शन में उनका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है जिसकी एक बानगी स्पिनर नूर अहमद के कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मैच विजेता प्रदर्शन में देखने को मिली।
अफगानिस्तान के बाएं हाथ की कलाई के स्पिनर नूर इस मैच से पहले तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए थे और उन्होंने चार मैचों में केवल एक विकेट लिया था।
अभ्यास के दौरान धोनी से लम्बी बातचीत के बाद नेट पर उनके खेल में बदलाव देखने को मिला। उन्होंने केकेआर के खिलाफ तीन विकेट लिए। उन्होंने बीच के ओवरों में अजिंक्य रहाणे, रिंकू सिंह और कैमरन ग्रीन के विकेट लेकर सीएसके की 32 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई।

पिच से गेंदबाजों को ज्यादा मदद नहीं मिल रही थी, लेकिन नूर बल्लेबाजों पर हावी होने में कामयाब रहे। सीएसके के सहायक कोच श्रीधरन श्रीराम ने नूर की मैच से पहले धोनी के साथ हुई बातचीत के बारे में बात की। धोनी पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण नहीं खेल पा रहे हैं।
श्रीराम ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘विकेट से थोड़ी मदद मिल रही थी। आज उसकी गेंद की गति हवा में थोड़ी धीमी थी। गेंद पर साइड स्पिन ज्यादा थी और ड्रॉप भी ज्यादा था। इस पर वह काम कर रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘धोनी ने अभ्यास सत्र के दौरान उनसे काफी देर तक बात की और उन्हें लेग अधिक ब्रेक करने के लिए प्रेरित किया। मुझे लगता है कि आज उससे मदद मिली और इसके परिणाम सबके सामने हैं।’’
श्रीराम ने वेस्टइंडीज के स्पिनर अकील हुसैन और नूर के संयोजन पर भी बात की। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वे एक-दूसरे के पूरक हैं। वे दोनों आपस में बहुत अच्छे से संवाद भी करते हैं। उनके बीच आपस में अच्छी समझ है। आज तो अकील ने ही नूर को सही लेंथ बताई। एक बार नूर को जब सही लेंथ मिल गई, तो उन्हें खेलना लगभग असंभव हो गया।’’



