“यह अपमानजनक है”: राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों में देरी पर भड़के तेजस्विन शंकर, मंत्रालय को घेरा
एशियन गेम्स के रजत पदक विजेता डेकाथलॉन एथलीट तेजस्विन शंकर ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की घोषणा में हो रही देरी को लेकर युवा मामले और खेल मंत्रालय की आलोचना की है। शंकर ने इस स्थिति को एथलीटों के लिए अपमानजनक और हतोत्साहित करने वाला बताया है।
तेजस्विन ने एक्स पर लिखा, “दिसंबर में अनाधिकारिक नाम सामने आने से ‘पहले’ इस बारे में सोचा जाना चाहिए था, 4 महीने बाद नहीं। यह देरी न सिर्फ एथलीट्स और कोचों को हतोत्साहित कर रही है बल्कि अपमान की निशानी भी है।”
मंत्रालय के अनुसार, “राष्ट्रीय खेल पुरस्कार कार्यक्रम की तैयारी जारी है। एथलीट्स की सूची का दोबारा मूल्यांकन किया जा रहा है, इसी कारण कुछ देरी हो रही है। जल्द ही पुरस्कार समारोह आयोजित किया जाएगा।” पुरस्कार समारोह में देरी को लेकर कई एथलीट विरोध जता रहे हैं।

उनका कहना है कि पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया उन खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डाल रही है, जिन्होंने पहले ही सभी आवश्यक मानदंड पूरे कर लिए हैं। मंत्रालय ने पिछले वर्ष 29 सितंबर को 2025 के राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों (मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड, अर्जुन अवॉर्ड, अर्जुन अवॉर्ड (लाइफटाइम), द्रोणाचार्य अवॉर्ड और राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार) के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे, जिसकी अंतिम तिथि बाद में बढ़ाकर 4 नवंबर कर दी गई थी।
24 दिसंबर को चयन समिति की बैठक के बाद खेल मंत्रालय को भेजी गई सूची में कम-से-कम 24 नाम शामिल थे, जिनमें अर्जुन अवॉर्ड के लिए तेजस्विन का नाम भी था। हालांकि, फिलहाल यह प्रक्रिया रुकी हुई है। ये पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा एक समारोह में प्रदान किए जाते हैं।

आमतौर पर यह समारोह 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद की जयंती पर आयोजित किया जाता है। जिन वर्षों में ओलंपिक गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स आयोजित होते हैं, उन वर्षों में पुरस्कार समारोह की तारीख इन प्रतियोगिताओं की समाप्ति तिथियों और राष्ट्रपति सचिवालय की सलाह के आधार पर तय की जाती है।



