भारत को IMF से सबसे अधिक प्रतिगामी कर (Regressive Tax) सिफारिशें मिलीं : ऑक्सफैम

ऑक्सफैम के एक विश्लेषण के अनुसार, 2022 और 2024 के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से भारत को सबसे अधिक प्रतिगामी कर सिफारिशें प्राप्त हुई हैं। ऑक्सफैम ने एक रिपोर्ट में कहा कि निम्न और निम्न-मध्यम आय वाले देशों को IMF की 59% कर सलाह ‘प्रतिगामी’ (Regressive) थी, जबकि उच्च आय वाले देशों को दी गई उसकी 52% सिफारिशें ‘प्रगतिशील’ (Progressive) थीं।
वाशिंगटन में IMF और विश्व बैंक की ‘स्प्रिंग मीटिंग’ से पहले जारी इस विश्लेषण में यह चेतावनी दी गई है कि वैश्विक संस्था “दोहरा मानदंड” अपना रही है। वह अमीर देशों को तो काफी हद तक प्रगतिशील सलाह दे रही है, लेकिन दूसरों को प्रतिगामी उपाय सुझा रही है जिससे “असमानता और बढ़ने की संभावना है”।
ऑक्सफैम के विश्लेषण में पाया गया कि अमेरिका और ब्राजील को IMF से सबसे अधिक प्रगतिशील कर सलाह मिली। कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के साथ-साथ चीन, कजाकिस्तान, अंगोला और बोत्सवाना को भी अधिक प्रगतिशील सिफारिशें मिलीं। वहीं, भारत को सबसे अधिक प्रतिगामी सिफारिशें मिलीं, जिसके बाद ‘ग्लोबल साउथ’ के कई अन्य देश शामिल हैं।
शब्दों के अर्थ:
- Regressive Tax (प्रतिगामी कर): ऐसा कर जिसका बोझ गरीबों पर अमीरों की तुलना में अधिक पड़ता है।
- Progressive Tax (प्रगतिशील कर): इसमें आय बढ़ने के साथ कर की दर बढ़ती है (अमीरों पर अधिक कर)।
- Global South: विकासशील और कम विकसित देशों का समूह।



