टी20 में आक्रामकता का दौर, फ्लेमिंग ने फिनिशर की भूमिका को किया खारिज
चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग का मानना है कि टी20 क्रिकेट में पारंपरिक फिनिशर की भूमिका अब उतनी महत्वपूर्ण नहीं रह गई है, क्योंकि अब टी20 मैचों की शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी का दौर शुरू हो जाता है।
सीएसके के इस सीजन में अपनी टीम में हुए बड़े फेरबदल और बल्लेबाजी की संरचना में बदलाव ने इस धारणा को और मजबूत किया है, क्योंकि अब टीम के पास शीर्ष क्रम के विशेषज्ञ बल्लेबाजों की भरमार है, जो खेल के मध्य और निचले क्रम में फिनिशर की भूमिका पर असर डाल रहे हैं।
फ्लेमिंग ने पंजाब किंग्स के खिलाफ पांच विकेट से हार के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि अब फिनिशर जैसी कोई चीज बची है। अब हर बल्लेबाज पहले गेंद से ही आक्रामकता से खेलता है। पहले ऐसा था कि 16वें ओवर तक रन रेट को थोडा धीमा रखा जाता था और फिर तेजी से रन बनाने की कोशिश होती थी, लेकिन अब हर बल्लेबाज पारी की शुरुआत से ही ताबड़तोड़ खेलता है।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘अब पारी की शुरुआत से ही 10, 11, 12 का रन रेट अपेक्षित होता है। आपको जल्दी 40 रन तक पहुंचने के लिए आक्रामक दृष्टिकोण अपनाना होगा। ऐसे में टीम के पास ऐसे बल्लेबाज होने चाहिए जो शुरुआत से लेकर आखिर तक आक्रामक खेल खेलें, और इस लिहाज से हमारी टीम में ये गुण हैं।’’
फ्लेमिंग ने ये भी बताया कि डेवाल्ड ब्रेविस चोट के कारण बाहर हैं और महेंद्र सिंह धोनी, जो एक शानदार फिनिशर माने जाते हैं, भी चोटिल हैं। फिर भी, उन्होंने उम्मीद जताई कि ब्रेविस की वापसी के बाद उनके प्रभावी खेल के कारण बीच के ओवरों में टीम को मजबूती मिलेगी। ‘‘हमारी टीम के खेल के तरीके से मैं संतुष्ट हूं।’’
फ्लेमिंग ने संजू सैमसन का भी समर्थन किया, जिन्होंने पहले दो मैचों में संघर्ष किया है। फ्लेमिंग ने कहा, ‘‘संजू अच्छा अभ्यास कर रहा है और जब वह लय में आता है, तो वह मैच विजेता बन सकता है। इसलिए, पहले दो मैचों में उसका प्रदर्शन चिंता का विषय नहीं है।’’
फ्लेमिंग ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम की भूमिका पर भी अपनी राय दी। उनका मानना है कि इस नियम ने खेल में बल्लेबाजों के पक्ष में भारी बदलाव किया है। ‘‘इम्पैक्ट प्लेयर नियम क्रिकेट की गति को प्रभावित करता है और यह खेल को बल्लेबाजों के पक्ष में झुका देता है।’’
पंजाब किंग्स के सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य की 39 रन की शानदार पारी ने उनकी टीम को 210 रन के लक्ष्य का पीछा करने में मजबूती दी। इस दौरान उनके साथी बल्लेबाज शशांक सिंह ने प्रियांश की मानसिक ताकत को लेकर तारीफ की।
‘‘हम जानते हैं कि आईपीएल में दूसरा सत्र महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि टीमें आपकी कमजोरियों को समझ लेती हैं, लेकिन प्रियांश के बारे में जो सबसे अच्छी बात हमें लगी, वह यह है कि वह मानसिक रूप से बहुत मजबूत है। वह बहुत कम बोलता है, लेकिन उसकी मानसिक स्पष्टता शानदार है।’’
शशांक ने आगे कहा, ‘‘वह अपनी भूमिका को अच्छे से समझता है और जानता है कि वह कहां रन बना सकता है। वह युवा है, लेकिन जिस परिपक्वता से उसने बल्लेबाजी की है, वह काबिलेतारीफ है।’



