सलाखों के पीछे पहुंचते ही टूट गया मंजित, उगल दिया एक-एक सच, बताया सूर्य प्रताप सिंह को गोली क्यों मारी?

Varanasi Student Shot Dead : उत्तर प्रदेश के वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) में शुक्रवार सुबह एक भयानक घटना ने पूरे परिसर को दहला कर रख दिया। बीएससी के छात्र सूर्य प्रताप सिंह उर्फ सूर्या की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई, जिससे कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गोलीबारी की घटना के बाद वहां भारी तनाव फैल गया और छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किया। इस दर्दनाक वारदात ने न केवल कॉलेज प्रशासन को हिला कर रख दिया है, बल्कि पूरे शहर में सनसनी फैल गई है।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले और आरोपियों की तलाश शुरू की। शिवपुर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। देर शाम तक मुख्य आरोपी मंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की टीमें अब पूछताछ कर रही हैं, ताकि घटना के पीछे का मकसद और संदिग्ध भूमिका स्पष्ट हो सके।
क्या है पूरा मामला?
वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे के आसपास यह घटना हुई। रिपोर्ट के अनुसार, छात्र सूर्य प्रताप सिंह अपने हॉस्टल के साथियों के साथ था। तभी आरोपी मंजीत सिंह, जो स्थानीय निवासी है, वहां पहुंचा। मंजीत पहले से ही अपने साथियों के साथ गैंग बनाकर रहता था। सूत्रों के मुताबिक, मंजीत और सूर्य के बीच पहले से विवाद चल रहा था। दोनों के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़ा होता रहता था।
मंजीत ने बताया कि सूर्य प्रताप सिंह की हॉस्टल के लड़कों से दोस्ती थी और वह अक्सर उसे अकेला देखकर मारपीट करता था। शुक्रवार को भी दोनों के बीच मामूली झड़प हुई। मंजीत ने अपने साथियों को बुलाया, लेकिन जब वे नहीं आए तो अकेले ही शराब के ठेके पर पहुंचने का फैसला किया। वहां से उसने घर से अवैध पिस्टल लाया और कॉलेज पहुंचा।
वहां पहुंचकर, उसने देखा कि सूर्य अपने दोस्तों के साथ कमरे में था। शर्ट की बांह मोड़ने और उसे घूरने को लेकर दोनों में तकरार हुई। इसके बाद मंजीत ने अपने पास रखी असलहासे से गोली चला दी। संकाय के गेट पर पहुंचते ही उसने एक के बाद एक कई गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली सूर्य को लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मंजीत सिंह ने दो साल पहले भदोही से अवैध रूप से पिस्टल खरीदी थी। वह अक्सर इस असलहे का इस्तेमाल धमकी देने और अपनी दबंगई दिखाने के लिए करता था। पुलिस अब इस हथियार के बेचने वाले के बारे में जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा, आरोपी के साथी अनुज सिंह की तलाश भी जारी है। अनुज भी मंजीत के साथ ही रहता है और घटना में उसकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
मामले में अब तक की कार्यवाही
पुलिस ने आरोपी मंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी और उसकी गैंग का मकसद पुरानी रंजिश या वर्चस्व का मामला हो सकता है। इस घटना ने पूरे कॉलेज में खौफ और आक्रोश फैला दिया है।
छात्र की मौत पर गहरा बवाल
घटना के बाद, सूर्य प्रताप सिंह के परिजनों और छात्रों ने शव लेकर गिलट बाजार चौराहे पर जाम लगा दिया। परिजन शव को गांव ले जाने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और शव को हरिश्चंद्र घाट पर सुरक्षित तरीके से भेजा। सूर्य प्रताप सिंह गाजीपुर के रामपुर माझा क्षेत्र के दुबैथा का निवासी था। वह बीएससी की चौथे सेमेस्टर का छात्र था। उसकी मौत से कॉलेज और आस-पास के इलाकों में सन्नाटा पसरा है और हर तरफ घटना को लेकर चर्चा हो रही है।



