संजू सैमसन की नाबाद पारी ने भारत को सेमीफाइनल में पहुँचाया, शशि थरूर बोले- ‘भारत की शान, तिरुवनंतपुरम का बेटा’
संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘वर्चुअल क्वार्टर फाइनल’ में 97 रनों की नाबाद पारी खेलकर न केवल भारतीय टीम को जीत दिलाई, बल्कि सेमीफाइनल का टिकट भी पक्का किया। सैमसन की इस पारी की हर जगह सराहना हो रही है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर, जो क्रिकेट पर गहरी नजर रखते हैं, भी सैमसन की इस पारी से प्रभावित हुए हैं। वेस्टइंडीज पर भारत की 5 विकेट से शानदार जीत के बाद शशि थरूर ने सैमसन को ‘भारत की शान’ और ‘तिरुवनंतपुरम का बेटा’ बताया।
वेस्टइंडीज ने भारत के सामने 195 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। टीम इंडिया ने यह लक्ष्य मात्र 4 गेंदें शेष रहते हासिल कर लिया और शान से सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
शशि थरूर ने उस समय को भी याद किया जब टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले खराब फॉर्म के कारण सैमसन अपनी जगह गंवा बैठे थे। उस समय भारत ने ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के साथ टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत की थी। शशि थरूर ने लिखा, “वेस्टइंडीज के खिलाफ आज वर्चुअल क्वार्टर फाइनल में संजू सैमसन की शानदार पारी देखने के बाद मैं गर्व और राहत महसूस कर रहा हूं।

मुझे उनके लिए दुख हुआ था क्योंकि पहले की असफलताओं के कारण उन्हें टीम में अपनी जगह गंवानी पड़ी थी। आज उन्होंने दुनिया को दिखा दिया कि वह वहां होने लायक क्यों थे। तिरुवनंतपुरम के अपने बेटे और भारत के गौरव पर गर्व है।”
संजू सैमसन भले ही शतक से सिर्फ 3 रन से चूक गए हों, लेकिन उनकी यह पारी किसी भी शतक से कम नहीं थी। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी मिला।
Bursting with pride and relief for @IamSanjuSamson after his superlative innings in today’s virtual quarterfinal against the WestIndies. I had suffered for him as earlier setbacks saw him lose his place in the side. Today he showed the world why he deserved to be there in the… pic.twitter.com/Tf8T8UytnG
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) March 1, 2026
मैच के बाद सैमसन ने कहा, “मुझे लगता है कि लगभग 10-12 साल आईपीएल खेलने और पिछले 10 सालों से देश के लिए खेलने के बाद, मैं केवल खेल नहीं रहा था, बल्कि डगआउट से खेल को देख रहा था। विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे महान खिलाड़ियों से सीख रहा था, और सभी महान खिलाड़ियों से सीखना बहुत जरूरी है।
मुझे लगता है कि मेरे अनुभव से, मैंने शायद 50-60 मैच ही खेले हैं, लेकिन लगभग 100 मैच देखे हैं और मैंने देखा है कि महान खिलाड़ियों ने मैच कैसे खत्म किए और वे अपने खेल को मैच के अनुसार कैसे बदलते हैं।”



