‘चोकर’ छवि से आगे बढ़ी टीम, खिताब के लिए तैयार : बावुमा
दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट और वनडे कप्तान टेम्बा बावुमा ने टी20 विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर रही अपनी राष्ट्रीय टी20 टीम को खिताब का प्रबल दावेदार बताया है।
सेमीफाइनल में चार मार्च को कोलकाता में न्यूजीलैंड से भिड़ने जा रही टीम को लेकर उन्होंने कहा कि इस बार दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पुरानी कमियों को काफी हद तक दूर कर लिया है और अब उसके पास हर विभाग में मैच का रुख पलटने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं।
पिछले टी20 विश्व कप की उपविजेता दक्षिण अफ्रीका मौजूदा टूर्नामेंट में सुपर आठ चरण तक अजेय रहने वाली इकलौती टीम है। बावुमा ने विशेष रूप से टीम की कमान संभाल रहे एडेन मारक्रम, मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज डेविड मिलर और तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी की जमकर सराहना की।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब दिलाकर ‘चोकर’ के तमगे को काफी हद तक मिटाने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम से जुड़े बावुमा ने रविवार को अरुण जेटली स्टेडियम में दिए एक साक्षात्कार में कहा, “मैं इस विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के प्रदर्शन से बेहद रोमांचित हूं।

टीम खेल के हर पहलू में मजबूत नजर आ रही है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन है और खिलाड़ी खिताब जीतने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
चार मार्च को कोलकाता में होने वाले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड की चुनौती को लेकर उन्होंने कहा कि अहमदाबाद और दिल्ली में खेलने के बाद टीम को नई परिस्थितियों के साथ जल्दी सामंजस्य बैठाना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि हाल ही में कोलकाता में खेले गए टेस्ट मैच के अच्छे अनुभव से टीम को फायदा मिलेगा और वह अपनी लय बरकरार रखेगी।
बावुमा ने यह भी कहा कि टूर्नामेंट का फाइनल अहमदाबाद में होना है, जहां दक्षिण अफ्रीका ने अपने ज्यादातर मैच खेले हैं और टीम का शिविर भी वहीं रहा था। ऐसे में यदि टीम न्यूजीलैंड को हराकर फाइनल में पहुंचती है तो वहां की परिस्थितियों की समझ उसे अतिरिक्त बढ़त दे सकती है।
टीम के ‘एक्स फैक्टर’ पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि लगभग सभी खिलाड़ी शानदार लय में हैं। कप्तान मारक्रम जिम्मेदारी के साथ नेतृत्व करते हुए बल्ले से भी मिसाल कायम कर रहे हैं, जिसका सकारात्मक असर पूरी टीम पर दिखता है।
एनगिडी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वह मैच के किसी भी क्षण विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं और धीमी गेंदों का बेहद प्रभावी उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा रेयान रिकेल्टन और मिलर भी बेहतरीन फॉर्म में हैं।
मारक्रम ने सात मैचों में 175 से अधिक की स्ट्राइक रेट से 268 रन बनाए हैं, जबकि रिकेल्टन ने 171.42 की स्ट्राइक रेट से 228 रन जोड़े हैं। मिलर ने 158 की स्ट्राइक रेट और 84 की औसत से 168 रन बनाए हैं, जिसमें भारत के खिलाफ 35 गेंदों पर 63 रन की आक्रामक पारी भी शामिल है।
बावुमा के अनुसार, मिलर की भूमिका सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं है। वह युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन भी कर रहे हैं। उनकी मौजूदगी से रिकेल्टन, डेवाल्ड ब्रेविस और ट्रिस्टन स्टब्स जैसे खिलाड़ी खुलकर अपना नैसर्गिक खेल खेल पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अनुभव तभी मायने रखता है जब वह टीम के हित में उपयोगी साबित हो, और मिलर ने परिपक्वता तथा जिम्मेदारी के साथ यह साबित किया है। वह देश के लिए कुछ बड़ा करने को लेकर बेहद प्रेरित हैं।
गेंदबाजी विभाग की बात करें तो कागिसो रबाड़ा का प्रदर्शन उनकी प्रतिष्ठा के अनुरूप भले न रहा हो, लेकिन एनगिडी (छह मैचों में 12 विकेट), मार्को यानसन (पांच मैचों में 11 विकेट) और कोर्बिन बोश (छह मैचों में 11 विकेट) ने विपक्षी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया है।
खासतौर पर एनगिडी और बोश ने अपनी धीमी गेंदों से बल्लेबाजों को जकड़ कर रखा है और दोनों का इकोनॉमी रेट सात से कम रहा है। टी20 विश्व कप में आईसीसी के कमेंटेटर पैनल का हिस्सा बने बावुमा ने कहा कि टीम के गेंदबाज हर चरण में विकेट लेने की मानसिकता के साथ उतरे हैं।
उन्होंने एनगिडी के बदलाव की ओर इशारा करते हुए कहा कि पहले वह सिर्फ रन रोकने पर ध्यान देते थे, लेकिन अब वह विविधता और रफ्तार में मिश्रण के साथ आत्मविश्वास से विकेट लेने के इरादे से गेंदबाजी कर रहे हैं। यही मानसिक परिवर्तन उनके प्रदर्शन में साफ झलक रहा है।



