ईरान पर मिसाइलें बरसाने के लिए ब्रिटेन ने अमेरिका को दिया अपना मिलिट्री बेस

राघवेन्द्र प्रताप सिंह: मिडिल ईस्ट में युद्ध के महायुद्ध में तब्दील होने का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। ईरान पर अमेरिका और इजरायली हमले थमते नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं ईरान ने भी पूरी ताकत से पलटवार करते हुए खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है। UAE, कुवैत जैसे देशों में धमाकों की आवाजें गूंज रही हैं। इस बीच अब ब्रिटेन ने ईरान पर मिसाइलें बरसाने के लिए अपना मिलिट्री बेस अमेरिका को देने का ऐलान कर दिया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने रविवार को कहा है कि उनके देश ने ईरानी मिसाइलों के खिलाफ हमलों के लिए ब्रिटिश बेस का इस्तेमाल करने के लिए अमेरिका के अनुरोध को मान लिया है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो मैसेज शेयर करते हुए कहा, “अमेरिका ने कुछ खास और लिमिटेड डिफेंसिव मकसद के लिए ब्रिटिश बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी है। हमने ईरान को पूरे इलाके में मिसाइल दागने से रोकने के लिए इस अनुरोध को मानने का फैसला किया है।” हालांकि स्टारमर ने इस दौरान दोहराया है कि ब्रिटेन शनिवार को ईरान पर हुए अमेरिकी इजरायली एयर स्ट्राइक में शामिल नहीं था। उन्होंने ईरान पर आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान ने पूरे इलाके में लगातार हमले किए हैं और उसकी मिसाइलों ने उन एयरपोर्ट और होटलों को निशाना बनाया है जहां ब्रिटिश नागरिक ठहरे हुए थे।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा, “हमले फैसला किया था कि ब्रिटेन ईरान पर हमलों में शामिल नहीं होगा यह फैसला हमने सोच-समझकर लिया था क्योंकि हमारा मानना है कि इस इलाके और दुनिया के लिए आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका बातचीत से समझौता करना है। लेकिन फिर भी ईरान ब्रिटिश हितों पर हमला कर रहा है और ब्रिटिश लोगों को बहुत बड़े खतरे में डाल रहा है।”



