सबसे पहले यूपी में लागू हुई कार्बन क्रेडिट फाइनेंस स्कीम, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

राघवेन्द्र प्रताप सिंह: उत्तर प्रदेश की ताजा आर्थिक समीक्षा में उत्तर प्रदेश को सतत विकास की दिशा में अग्रणी बताया गया है. कार्बन उत्सर्जन में कमी और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना के साथ यूपी देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने इस मॉडल को संस्थागत रूप दिया. इस पहल के तहत पर्यावरण संरक्षण को आय सृजन से जोड़ा गया है, जिससे खेती और जलवायु दोनों को लाभ मिल सके।
ग्राम पंचायतों में ‘ग्रीन चौपाल’ का गठन :
सतत विकास को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में ‘ग्रीन चौपाल’ बनाई गई है। इन चौपालों के माध्यम से वृक्षारोपण, जल संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण जैसे अभियानों को बढ़ावा दिया जा रहा है। घनी आबादी के बावजूद राज्य वन और वृक्षावरण के मामले में देश में दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। वन्यजीव संरक्षण अभियानों ने भी प्राकृतिक संतुलन को मजबूत किया है।आर्थिक समीक्षा के अनुसार उत्तर प्रदेश स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2022 के तहत अगले पांच वर्षों में 22,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
इसमें 6,000 मेगावाट रूफटॉप सोलर संयंत्रों से, 14,000 मेगावाट यूटिलिटी स्केल और सोलर पार्कों से तथा 2,000 मेगावाट PM-KUSUM योजना के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे। आंकड़ों के मुताबिक 2017 में जहां प्रदेश में केवल 288 मेगावाट सौर क्षमता थी, वहीं अब यह बढ़कर 2,815 मेगावाट हो चुकी है। इससे उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
गरीबी में उल्लेखनीय कमी
आर्थिक समीक्षा में सामाजिक क्षेत्र की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया है। बहुआयामी गरीबी दर 2013-14 में 42.59 प्रतिशत थी, जो 2022-23 में घटकर 17.40 प्रतिशत रह गई। इस अवधि में लगभग 5.94 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र परिवारों को मुफ्त और रियायती खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। डिजिटल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए 78,510 उचित दर की दुकानों से लाभार्थियों तक राशन पहुंचाया जा रहा है।
सामाजिक योजनाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत वर्ष 2017-18 की तुलना में 2024-25 तक विवाहों की संख्या लगभग पांच गुना और व्यय सात गुना बढ़ गया है. यह दर्शाता है कि राज्य सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाओं पर निरंतर निवेश कर रहा है। कुल मिलाकर, आर्थिक समीक्षा उत्तर प्रदेश को हरित ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्थान के संतुलित मॉडल के रूप में प्रस्तुत करती है।



