237-237 का टाई, मावी की आग और विदर्भ की बढ़ी मुश्किलें
रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप ए के अंतिम लीग मैच में तेज गेंदबाज शिवम मावी ने ऐसा कहर बरपाया कि मुकाबला सिर्फ मैच नहीं, बल्कि पूरे ग्रुप की तस्वीर बदलने वाला ड्रामा बन गया।
विदर्भ और उत्तर प्रदेश की पहली पारी 237-237 रन पर टाई रही, लेकिन इस स्कोरलाइन के पीछे मावी की घातक गेंदबाजी सबसे बड़ी वजह रही।
वीसीए के जमथा स्टेडियम, नागपुर में खेले जा रहे इस मुकाबले में यूपी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 237 रन बनाए। जवाब में विदर्भ की टीम भी ठीक इसी स्कोर पर सिमट गई।
शिवम मावी ने 7 विकेट झटकते हुए विदर्भ की पहली पारी की बढ़त के सारे रास्ते बंद कर दिए। हालांकि दानिश मालेवर (80) और नचिकेत भूते (63) की जुझारू पारियों ने विदर्भ को पूरी तरह बिखरने से बचा लिया।

पहली पारी के टाई होने के बाद दूसरी पारी में भी यूपी की शुरुआत खराब रही। महज 17 रन के स्कोर पर सलामी बल्लेबाज अभिषेक गोस्वामी (0) और माधव कौशिक (9) पवेलियन लौट गए।
इसके बाद कप्तान आर्यन जुयाल (नाबाद 35) और आदित्य शर्मा (नाबाद 25) ने दूसरे विकेट के लिए 58 रन जोड़कर पारी को संभाल लिया। स्टंप्स तक यूपी ने दूसरी पारी में 2 विकेट पर 75 रन बना लिए हैं और उसे इतनी ही रनों की बढ़त भी मिल चुकी है।
यूपी पहले ही ट्रॉफी की दौड़ से बाहर हो चुकी है, लेकिन इस मैच में उसकी भूमिका ‘स्पॉइलर’ की बन गई है। जीत मिलने पर भी यूपी के अधिकतम 23 अंक ही हो सकते हैं, जिससे उसे कोई फायदा नहीं होगा।
ऐसे में बड़ौदा के खिलाफ बारिश में धुला वह मुकाबला यूपी को लगातार सताता रहेगा, जिसमें बिना एक भी गेंद खेले अंक बंट गए थे। अगर उस समय यूपी ने तब ग्रुप में नीचे चल रही बड़ौदा को हराया होता, तो आज उसकी स्थिति बिल्कुल अलग होती और वह खिताब की रेस में बना रहता।
इस मैच का असर विदर्भ समेत पूरे ग्रुप पर पड़ रहा है। फिलहाल आंध्र प्रदेश 6 मैचों में 28 अंकों के साथ शीर्ष पर है, झारखंड 25 अंकों और बेहतर नेट रन रेट के कारण दूसरे स्थान पर है, जबकि विदर्भ भी 25 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर मौजूद है। झारखंड को उड़ीसा के खिलाफ पहली पारी की बढ़त के लिए सिर्फ 38 रन चाहिए, जबकि उसके 4 विकेट शेष हैं।
यदि यूपी और विदर्भ का यह मुकाबला ड्रॉ होता है तो दोनों टीमों को 1-1 अंक मिलेंगे और विदर्भ 26 अंकों पर ही रुक जाएगा, जो उसके लिए खतरे की घंटी होगी।
अगर दोनों पारियों में स्कोर टाई होता है तो दोनों को 3-3 अंक मिलेंगे और विदर्भ 28 अंकों तक पहुंच जाएगा। लेकिन यदि विदर्भ जीत दर्ज करता है तो उसके 31 अंक हो जाएंगे।
यानि अब हर रन, हर विकेट और हर नतीजा ग्रुप ए की किस्मत तय करेगा। यूपी भले ही बाहर हो चुकी हो, लेकिन वह विदर्भ की राह मुश्किल बनाकर पूरे नॉकआउट समीकरण को उलट-पलट सकती है। विदर्भ के लिए यह मुकाबला सिर्फ जीत का नहीं, बल्कि अगले दौर का टिकट बचाने की लड़ाई बन चुका है।



