रन नहीं, तैयारी मायने रखती है: संजू सैमसन पर टीम इंडिया का भरोसा कायम
न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती तीन टी20 मुकाबलों में रन नहीं बना पाने के बावजूद संजू सैमसन पर भारतीय टीम मैनेजमेंट का भरोसा डगमगाया नहीं है। चौथे मैच से पहले गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने साफ कर दिया कि टीम सैमसन को सिर्फ आंकड़ों से नहीं, बल्कि उनकी तैयारी और क्षमता से आंक रही है।
तीन टी20 मैचों में सैमसन के बल्ले से महज़ 16 रन निकले हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर 10 रहा है। वहीं, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव जैसे अन्य शीर्ष क्रम के बल्लेबाज न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी नजर आए हैं। इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट सैमसन को लेकर आश्वस्त दिख रहा है।
चौथे टी20 की पूर्व संध्या पर मोर्ने मोर्कल ने कहा कि संजू फॉर्म में लौटने से बस एक अच्छी पारी दूर हैं। उनके मुताबिक, विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से यह जरूरी है कि खिलाड़ी सही समय पर लय हासिल करें। मोर्कल ने यह भी जोड़ा कि सैमसन नेट्स में कड़ी मेहनत कर रहे हैं और गेंद को बेहद साफ तरीके से हिट कर रहे हैं।
हालांकि यह वैकल्पिक नेट सत्र था, लेकिन संजू सैमसन ने इसमें 30 मिनट से ज्यादा समय बिताया। उन्होंने अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अभिषेक शर्मा और साइड-आर्म गेंदबाज रघु जैसे अलग-अलग किस्म के गेंदबाजों का सामना किया।

शुरुआती कुछ मिनटों की जद्दोजहद के बाद उनका जाना-पहचाना आक्रामक अंदाज दिखा और गेंदें एसीए-वीडीसीए स्टेडियम के चारों ओर दूर-दूर तक जाती नजर आईं।
नेट सत्र के बाद सैमसन ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक के साथ लंबी बातचीत की। दोनों कोच उन्हें तकनीकी और मानसिक पहलुओं पर समझाते हुए दिखे, जबकि श्रेयस अय्यर समानांतर रूप से अपना अभ्यास जारी रखे हुए थे।
मोर्कल ने साफ किया कि वह सैमसन की मौजूदा फॉर्म को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं। उनके अनुसार, व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा अहम टीम की जीत है। उन्होंने कहा कि भारत इस समय सीरीज में 3-0 से आगे है, टीम अच्छा क्रिकेट खेल रही है और विश्व कप से पहले अभी कुछ मैच बाकी हैं।
मोर्कल को पूरा भरोसा है कि संजू सैमसन सही समय पर अपनी लय हासिल कर लेंगे — और जब ऐसा होगा, तो वह टीम के लिए निर्णायक भूमिका निभाने को तैयार रहेंगे।



