उत्तर प्रदेश में जन औषधि केंद्रों में दवाएं हुईं और सस्ती

राघवेन्द्र प्रताप सिंह: यूपी के सरकारी अस्पतालों में संचालित जन औषधि केंद्रों पर अब और भी सस्ती दवाएं मिलना शुरू हो गई हैं। जीएसटी घटने के बाद नए प्रिंट रेट की दवाओं की आपूर्ति शुरू हुई है। हर दवा पर दो से चार रुपये कम हुए हैं. ऐसे में मरीजों को राहत मिली है। जन औषधी केंद्र के प्रभारियों का कहना है जो भी नई प्रिंट रेट की दवाएं आ रही हैं, वह पहले से कम रेट पर आई हैं।
40 से 70 फीसदी की छूट पर मिलती हैं दवाएं:
राजधानी के बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु, रानीलक्ष्मीबाई, बीआरडी महानगर, लोहिया संस्थान समेत सीएचसी पर जन औषधि केंद्र खुले हैं. यहां पर मरीजों को बाजार से 40 से 70 फीसदी छूट पर दवाएं मिलती हैं।
बता दें कि जन औषधि केंद्र पर पहले 12 प्रतिशत जीएसटी लिया जाता था। इसे कम करके पांच फीसदी किया गया। हालांकि, जन औषधि केंद्रों पर जीएसटी कम होने के बाद भी दवाओं के दाम में खास असर नहीं आया था। जन औषधि में अब नए प्रिंट पर दवाओं की रेट कम हुए हैं।
पहले से सभी सस्ती दवाएं मिल रही हैं:
जन औषधि केंद्र के प्रभारियों का कहना है, जो भी अब नए प्रिंट रेट से दवा आ रही हैं, उनमें दवाओं के दाम पहले से कम हुए हैं।इसमें बीपी-शुगर, किडनी व सूजन समेत अन्य नई दवाओं के प्रिंट रेट कम हुए हैं। इससे मरीजों को पहले से सभी सस्ती दवाएं मिल रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार जन औषधि केंद्र को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। चिकित्सा विभाग की पूरी कोशिश है कि सरकारी अस्पताल में मरीज को निशुल्क दवा उपलब्ध हो जाए। जिन दवाओं की कीमत केमिस्ट की दुकान पर बहुत ज्यादा होती है, वह दवा जन औषधि केंद्र में मरीज को कम दाम पर मिल जाए। इसी के तहत एक बार फिर से उत्तर प्रदेश मेडिकल पावर कॉरपोरेशन ने जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध होने वाली दवाओं के दाम में गिरावट की है, दो से पांच रुपए कम हुए हैं, जो मरीज के लिए काफी मददगार साबित होंगे।T



