डेमियन मार्टिन अस्पताल से डिस्चार्ज, गिलक्रिस्ट बोले—‘शानदार खबर’
अपने दौर के दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डेमियन मार्टिन को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वह मेनिनजाइटिस से पीड़ित थे और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल में शुरुआती दो-तीन दिन वह इंड्यूस्ड कोमा में थे। उनके करीबी दोस्त और महान विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट ने जब सिडनी में एशेज मैच के लाइव कवरेज के दौरान ये खबर बताते हुए काफी उत्साहित दिखे। मार्टिन के साथ खेल चुके मार्क वॉ ने इसे चमत्कार बताया है।
डेमियन मार्टिन के लिए लाखों क्रिकेट फैन दुआ कर रहे थे और आखिरकार उनकी दुआ रंग लाई। गिलक्रिस्ट ने एशेज के लाइव कवरेज के दौरान उनके अस्पताल से डिस्चार्ज होने की खबर दी। उन्होंने कहा, ‘शानदार खबर है। उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।’
गिलक्रिस्ट ने मार्टिन के परिवार की तरफ से उन लोगों का आभार जताया जिन्होंने पूर्व क्रिकेटर के लिए दुआ की। उन्होंने कहा, ‘उन्हें पूरी तरह ठीक होने में अभी और वक्त लगेगा लेकिन ये शानदार है कि वह अब घर आ गए हैं। उनके परिवार ने समर्थन के लिए सभी का आभार जताया है।’

उसी शो के दौरान ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मार्क वॉ ने डेमियन मार्टिन के अस्पताल से डिस्चार्ज होने को चमत्कार बताया। वॉ ने कहा, ‘वास्तव में ये एक तरह का चमत्कार है। जब वह आईसीयू में थे तब बहुत खराब रूप में दिख रहे थे।’
डेमियन मार्टिन की पहचान एक शानदार बल्लेबाज की रही है। टेस्ट में उनका औसत 46.37 का है। डार्विन में पैदा हुए मार्टिन ने 21 की उम्र में वेस्टइंडीज के खिलाफ 1992-93 की सीरीज में टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने डीन जोंस की जगह ली थी। 23 की उम्र में उन्होंने वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी भी की थी।
डेमियन मार्टिन ने टेस्ट में 13 शतक जड़े हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर न्यूजीलैंड के खिलाफ 2005 में आया था जब उन्होंने 165 रन की पारी खेली थी। मार्टिन ने 2006-07 के एशेज में एडिलेड ओवल में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था। उसके बाद वह कॉमेंट्री करने लगे थे।
मार्टिन ने अपने करियर में 208 ओडीआई मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 40.8 के शानदार औसत से रन बनाए। वह 1999 और 2003 में विश्वकप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। 2003 के फाइनल में उन्होंने भारत के खिलाफ टूटी उंगली के साथ नाबाद 88 रन बनाए थे। वह 2006 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का भी हिस्सा थे।



