खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट पर केन्द्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने गंभीर चिंता प्रकट की
नई दिल्ली ( सरिता त्रिपाठी ) : हैदराबाद पुलिस की H-FAST यानी हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम और GHMC फूड सेफ्टी विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर 13 मसाला निर्माण और प्रोसेसिंग इकाइयों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में 25.3 टन मिलावटी मसाले जब्त किए गए. मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच के दौरान अधिकारियों को जो जानकारी मिली, उसने सभी को चौंका दिया। अधिकारियों के अनुसार लोगों की रसोई तक पहुंचने वाले मसालों में कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले रंग, इंडस्ट्रियल केमिकल, सिंथेटिक फूड कलर, टैल्कम पाउडर और राइस ब्रान ऑयल मिलाया जा रहा था। ऐसा मसालों को चमकदार और वजनदार दिखाने के लिए किया जा रहा था, ताकि अधिक मुनाफा कमाया जा सके।
केन्द्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने तेलंगाना में खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट पर गंभीर चिंता प्रकट की है। उन्होंने कहा कि रंगों, पाउडरों और धान की भूसी के तेल की मिलावट मसालों में की जा रही है ताकि उनके रंग बेहतर दिखें और वजन तथा बाजार भाव बढ़ जाए।
श्री रेड्डी ने तेलंगाना सरकार से अपील की है कि वह इस मुद्दे पर तुरंत और सख्त कदम उठाए क्योंकि यह लोगों के स्वास्थ्य से सीधे तौर से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने हैदराबाद ज़ोन में 22 प्रयोगशालाएं स्थापित की हैं जहां खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की जांच की जा सकती है। श्री रेड्डी ने बताया कि तेलंगाना में आठ चल खाद्य परिक्षण प्रयोगशालाएं भी हैं।
वस्तुतः भारत में खाद्य पदार्थों में मिलावट एक गंभीर समस्या है, जहाँ अधिक मुनाफा कमाने के लिए दूध, मसाले, तेल और पनीर जैसी रोजमर्रा की चीज़ों में यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च और खतरनाक केमिकल मिलाए जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, परीक्षण किए गए खाद्य नमूनों में से लगभग 22% से 25% तक नमूने अमानक या मिलावटी पाए जाते हैं, जो जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा हैं।