झारखंड में परीक्षा अनियमितताओं पर घमासान: कांग्रेस ने किया छात्रों के आंदोलन का समर्थन, न्याय को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
राघवेंद्र प्रताप सिंह/ नई दिल्ली / झारखंड: झारखंड राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई ‘अनियमितताओं’ (irregularities) ने एक बड़े राजनीतिक और छात्र आंदोलन का रूप ले लिया है। राज्य के युवाओं के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर अब राष्ट्रीय राजनीतिक दलों ने भी अपना रुख स्पष्ट करना शुरू कर दिया है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने झारखंड के छात्रों के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन (extends support) दिया है।
द हिंदू ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस पार्टी ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित छात्रों के लिए न्याय (justice) सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता (top priority) है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य भर में छात्र लोक सेवा आयोग और अन्य भर्ती एजेंसियों के संचालन तंत्र पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के झारखंड प्रभारी के. राजू ने इस मुद्दे पर पार्टी का आधिकारिक स्टैंड सार्वजनिक किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट के माध्यम से के. राजू ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में हो रहे पेपर लीक (paper leaks) के खिलाफ छात्रों के आंदोलन का पुरजोर समर्थन करती है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 16 (सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता) के परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो पेपर लीक जैसी घटनाएं न केवल योग्य उम्मीदवारों के मौलिक अधिकारों का हनन करती हैं, बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती हैं। मुख्य विपक्षी दल के इस समर्थन से छात्र आंदोलन को नई राजनीतिक ऊर्जा मिलने और सरकार पर निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ने की संभावना है।