Trending

स्वतंत्रता सेनानी शहीद उधम सिंह को 87वें शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि, जानिए उधम सिंह से जुड़ी ख़ास बातें

नई दिल्ली ( राघवेंद्र प्रताप सिंह) : समग्र राष्ट्र आज क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी शहीद उधम सिंह के 87वीं शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। उधम सिंह गदर पार्टी और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिक एसोसिएशन से जुड़े थे। उन्‍होंने अमृतसर के जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए 13 मार्च 1940 को ब्रिटिश पंजाब के पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ’डायर को मौत के घाट उतार दिया था।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने उधम सिंह शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। सोशल मीडिया पोस्‍ट में संस्‍कृत का उद्धरण साझा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि शहीद उधम सिंह का जीवन प्रत्‍येक पीढ़ी को देश के सम्‍मान और संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा। इसके साथ ही गृहमंत्री अमित शाह ने क्रांतिकारी उधम सिंह के शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। श्री शाह ने सोशल मीडिया पोस्‍ट में उधम सिंह को अप्रतिम साहस और शौर्य का प्रतीक बताया। उन्‍होंने कहा कि उधम सिंह ने लंदन में माइकल ओ. डायर को मौत के घाट उतार कर जलियावालां बाग नरसंहार का बदला लिया और ब्रिटिश सरकार को कड़ा संदेश दिया। बैसाखी के उस दिन अंग्रेज फौज की एक टुकड़ी ने ब्रिगेडियर जनरल आरईएच डायर के आदेश पर रॉलेट एक्ट का शांति से विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं। इस नरसंहार में 1,000 से ज्यादा निहत्थे स्त्री, पुरुष और बच्चे मारे गए थे। 1,200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। जान बचाने के लिए सैकड़ों महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने वहां बने एक कुएं में छलांग लगा दी, जिससे उनकी मौत हो गई थी।

जनरल डायर ने इस बर्बर गोलीकांड को उस समय के पंजाब के गवर्नर जनरल माइकल ओ डायर के कहने पर अंजाम दिया था। इस नरसंहार के 21 साल बाद 13 मार्च 1940 को सरदार उधम सिंह ने लंदन के कैक्सटोन हॉल में जाकर माइकल ओ डायर को गोली मार दी। उस समय वह ईस्ट इंडिया एसोसिएशन और रॉयल सेंट्रल एशियन सोसायटी की एक बैठक में भाषण देकर अपनी सीट पर बैठने जा रहा था। कुछ ही मिनटों में डायर ने दम तोड़ दिया था।

डायर को गोली मारने के लिए उधम सिंह किताब में छुपाकर रिवॉल्वर ले गए थे। घटना के बाद उधम सिंह को अरेस्ट कर लिया गया और उन पर मुकदमा चला। 31 जुलाई 1940 को उधम सिंह को फांसी दे दी गई। गौरतलब है कि उधम सिंह ने गदर पार्टी के माध्‍यम से विदेश में रह रहे भारतीयों में आजादी की चिंगारी प्रज्‍ज्‍वलित की। शहीद उधम सिंह का जीवन धैर्य, संकल्‍प और देशभक्ति का अप्रतिम उदाहरण बना रहेगा।

Related Articles

Back to top button